दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना संक्रमितों के क्वॉरेंटाइन सेंटर जाने का नियम रद्द हो : दिल्ली सरकार

June 23rd, 2020

हाईलाइट

  • कोरोना संक्रमितों के क्वॉरेंटाइन सेंटर जाने का नियम रद्द हो : दिल्ली सरकार

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल एक बार फिर आमने-सामने हैं। दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल को एक पत्र लिखा है, जिसमें कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को क्वारंटाइन सेंटर में जाकर चेकअप कराने का नियम वापस लेने की मांग की गई है।

दिल्ली सरकार का मानना है कि स्वयं प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित व्यक्ति के घर जाकर उसका चेकअप करें। दिल्ली सरकार ने यह नियम लागू करने के लिए उपराज्यपाल से दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक बुलाने की मांग भी की है।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह कैसा नियम है जिसके तहत कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो उसे खुद क्वॉरेंटाइन सेंटर जाना होगा। यदि वह नहीं गया तो पुलिस उसे लेकर जाएगी ऐसे नियम से लोगों में काफी भय व्याप्त है। दिल्ली में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर पर जाकर लंबी लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ेगा। जहां उनकी तबीयत और खराब होगी साथ ही अन्य लोग भी संक्रमित होंगे।

सिसोदिया ने कहा कि इस व्यवस्था से एंबुलेंस सर्विस पर भी दबाव पड़ेगा। फैसला करना होगा कि पहले गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जाए या फिर एंबुलेंस का इस्तेमाल ऐसे व्यक्तियों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में ले जाने के लिए किया जाए जिन्हें की कोई खास लक्षण नहीं है।

दरअसल दिल्ली सरकार चाहती है कि जिस प्रकार अभी तक होम आइसोलेशन में बिना लक्षणों वाले कोरोना रोगियों का उपचार होता रहा है। उसी प्रकार आगे भी इसी प्रक्रिया को चालू रखा जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित लोगों को ऑक्सीमीटर और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन मुहैया कराने का भी इंतजाम किया है।

दिल्ली सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को हेल्पलाइन के जरिए अब परामर्श भी नहीं मिल पा रहा है।

मनीष सिसोदिया ने कहा उन्होंने उपराज्यपाल को एक पत्र लिखकर पहले की सी स्थिति बहाल करने का अनुरोध किया है। साथ ही इस पत्र में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के अनिवार्य रूप से क्वॉरेंटाइन सेंटर जाने के नियम को भी रद्द करने की मांग की गई है।