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4 महीने में भारत में पहली बार सबसे कम 29 हजार दैनिक मामले

November 17th, 2020 11:30 IST
 4 महीने में भारत में पहली बार सबसे कम 29 हजार दैनिक मामले

हाईलाइट

  • 4 महीने में भारत में पहली बार सबसे कम 29 हजार दैनिक मामले

नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। देश में पिछले 24 घंटों में कोविड के 29,163 नए मामले और 449 मौतें दर्ज हुईं हैं। इसके बाद देश में कुल मामलों की संख्या 88,74,290 और मौतों की संख्या 1,30,919 हो गई है। पिछले 4 महीनों की यह दैनिक मामलों की सबसे कम संख्या है। इससे पहले 14 जुलाई को 28,498 मामले दर्ज हुए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए कहा है कि देश में अभी 4,53,401 सक्रिय मामले हैं, जबकि 82,90,370 रोगी अब तक ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। देश में अब रिकवरी दर 93.42 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.47 प्रतिशत है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने सोमवार को 8,44,382 नमूनों का परीक्षण किया, जिसके बाद कुल परीक्षणों की संख्या 12,65,42,907 हो गई है।

देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में 17,49,777 मामले और 46,034 मौतें हो चुकीं हैं। राज्य में अभी 85,363 सक्रिय मामले हैं। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को काफी कम 3,797 नए मामले दर्ज हुए। अब यहां कुल मामलों की संख्या 4,89,202 हो गई है। देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित अन्य राज्यों में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश हैं।

दिल्ली में मामलों की कम संख्या राहत की बात है क्योंकि इससे पहले यहां दैनिक मामले 8,500 से ज्यादा दर्ज हो रहे थे। दीवाली के जश्न के बाद दिल्ली में 29,821 परीक्षण किए गए थे।

वहीं जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के अपडेट के मुताबिक, मंगलवार की सुबह तक दुनिया भर में 5,48,26,773 मामले दर्ज हो चुके थे और मरने वालों की संख्या 13,25,752 हो गई थी।

एसडीजे-एसकेपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।