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दिल्ली में कोविड-19 परीक्षणों की संख्या 2 दिन में दोगुनी होगी : शाह

June 14th, 2020 17:00 IST
 दिल्ली में कोविड-19 परीक्षणों की संख्या 2 दिन में दोगुनी होगी : शाह

हाईलाइट

  • दिल्ली में कोविड-19 परीक्षणों की संख्या 2 दिन में दोगुनी होगी : शाह

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। केंद्र ने दिल्ली शहर में अगले दो दिनों में कोविड परीक्षणों की संख्या दोगुनी करने का फैसला किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रविवार सुबह उनके नार्थ ब्लॉक कार्यालय में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के सदस्य उपस्थित थे।

शाह ने बैठक के बाद ट्वीट किए, दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए, कोरोना वायरस परीक्षण अगले दो दिनों में दोगुने किए जाएंगे। छह दिनों के बाद परीक्षण को तीन गुना तक बढ़ा दिया जाएगा। कुछ दिनों के बाद कंटेनमेंट जोन के हर मतदान केंद्र में परीक्षण शुरू हो जाएंगे।

दिल्ली में कोरोनावायरस रोगियों के लिए बेड की कमी के मद्देनजर शाह ने कहा कि केंद्र ने दिल्ली को तुरंत 500 रेलवे कोच देने का फैसला किया गया है, जो न केवल राष्ट्रीय राजधानी में 8,000 से अधिक बेड जोड़ेगा बल्कि ये कोच कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी सुविधाओं से भी लैस होंगे।

शाह ने कहा कि इस संबंध में एक हेल्पलाइन नंबर कल (सोमवार) लॉन्च किया जाएगा।

दिल्ली में निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए केंद्र ने नीति आयोग के सदस्य और चिकित्सा आपातकालीन प्रबंधन योजना के संयोजक विनोद पॉल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है।

समिति कोरोना उपचार और परीक्षण के लिए कम दर पर निजी अस्पतालों में 60 प्रतिशत कोरोना बेड उपलब्ध कराने में मदद करेगी। शाह ने कहा, समिति अपनी रिपोर्ट सोमवार तक सौंप देगी।

यह निर्णय लिया गया कि केंद्र दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार को पांच और वरिष्ठ अधिकारी देगा और इसका जोरदार तरीके से मुकाबला करेगा।

शहर की कोरोना स्थिति की सुप्रीम कोर्ट द्वारा खराब, भयावह और दयनीय कहकर की गई आलोचना के मद्देनजर ये बैठक हुई। कोर्ट ने कहा था कि कोरोनावायरस रोगियों का इलाज जानवरों से भी बदतर तरीके से किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।