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गर्मी के कारण कोरोना के उपचार में रेल कोच का इस्तेमाल फिलहाल मुश्किल

June 17th, 2020 19:00 IST
 गर्मी के कारण कोरोना के उपचार में रेल कोच का इस्तेमाल फिलहाल मुश्किल

हाईलाइट

  • गर्मी के कारण कोरोना के उपचार में रेल कोच का इस्तेमाल फिलहाल मुश्किल

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण फिलहाल रेलवे कोच में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर्स का इस्तेमाल कोरोना रोगियों के उपचार के लिए कर पाना मुश्किल दिख रहा है। दिल्ली सरकार का मानना है कि रेलवे के कोच में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में पीपीई किट पहन कर काम करना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बेहद मुश्किल होगा।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, बढ़ते तापमान और गर्मी में भारी पीपीई किट पहन कर हमारे मेडिकल स्टाफ को काम करने के दौरान समस्या उत्पन्न हो सकती है। हम इसके बुनियादी ढांचे को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं और इसके समाधान की पूरी कोशिश कर रहे हैं, ताकि हम कर्मचारियों को तैनात करना शुरू कर सकें और इन आइसोलेशन सेंटरों में मरीजों को भर्ती कर सकें।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर स्थित 50 कोचों का निरीक्षण किया, जिन्हें आइसोलेशन सेंटर में बदल दिया गया है। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज करते हुए रेलवे के डिब्बों, बैंक्वेट हॉल और होटलों को कोविड देखभाल केंद्रों में तब्दील कर अपने स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ाने का काम शुरू किया है।

रेल कोच का निरीक्षण करने के बाद सिसोदिया ने कहा, कुछ दिन पहले, दिल्ली में माननीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक हुई थी। बैठक में उन्होंने वादा किया था कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार को विशेष चिकित्सा कोच उपलब्ध कराएगी। हमें अब तक 800 बेड के साथ 50 कोच उपलब्ध कराए गए हैं। मैंने इन कोचों में उपलब्ध व्यवस्था की जांच की, ताकि हम मरीजों को यहां भेजना शुरू कर सकें। लेकिन बढ़ते तापमान और गर्मी में भारी पीपीई किट पहन कर हमारे मेडिकल स्टाफ को काम करने के दौरान समस्या उत्पन्न हो सकती है।

दिल्ली सरकार अभी यह जांचने की कोशिश कर रही है कि क्या कोच को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील करने पर वे मेडिकल स्टाफ के लिए मानकों के अनुसार सामान्य काम कर रहे हैं।

दिल्ली में बेड की कमी के मद्देनजर केंद्र सरकार की तरफ से अभी 50 कोच (500 रेलवे कोचों में से) प्रदान किए गए हैं। जैसा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में संपन्न हुई बैठक में तय किया गया था।

सिसोदिया ने कहा, दिल्ली और केंद्र सरकार इस कोरोनावायरस संकट से लड़ने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं और उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बिस्तर प्रदान करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

-- आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।