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ओलंपिक क्वालिफायर मैच में भारतीय महिला हॉकी का दमदार प्रदर्शन, अमेरिका को 5-1 से हराया

ओलंपिक क्वालिफायर मैच में भारतीय महिला हॉकी का दमदार प्रदर्शन, अमेरिका को 5-1 से हराया

हाईलाइट

  • ओलंपिक क्वालीफायर मैच में भारतीय महिला हॉकी का दमदार प्रदर्शन
  • भारत ने अमेरिका को 5-1 से करारी शिकस्त दी
  • भारत के लिए इस एकतरफा मैच में चार अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए

डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। भारतीय महिला हॉकी टीम ने शुक्रवार को कलिंगा स्टेडियम में खेले गए ओलंपिक क्वाल्फायर के पहले लेग में दमदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका को 5-1 से करारी शिकस्त दी।

भारत के लिए इस एकतरफा मैच में चार अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। मेजबान टीम की ओर से गुरजीत कौर ने दो जबकि लिलिमा मिंज, शर्मिला देवी और नवनीत कौर ने एक-एक गोल किया। अमेरिका के लिए एकमात्र गोल एरिन मैटसन ने दागा।

पहला क्वार्टर गोल रहित रहा, लेकिन स्टेडियम पहुंचे हजारों दर्शकों को दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारत ने पहले मिनट से ही अटैकिंग हॉकी खेलने का प्रयास किया जिसका अमेरिका ने बखूबी जवाब दिया।

अमेरिका की टीम इस क्वार्टर में भारत के डी तक पहुंचने में भी कामयाब रही, लेकिन मेजबान टीम की गोलकीपर सविता को छकाने में कामयाब नहीं हो पाई।

दूसरे क्वार्टर में भी अमेरिका ने अपनी लय बरकरार रखी और ज्यादा बॉल पोजेशन भी रखा। हालांकि, भारतीय टीम पेनाल्टी कॉर्नर अर्जित करने में कामयाब रही। मेजबान टीम मौके का फायदा नहीं उठा पाई और काउंटर अटैक करते हुए अमेरिका ने पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया।

इस बार भी भारत के डिफेंस को भेदने में मेहमान टीम को सफलता नहीं मिली। 28वें मिनट में भारत को एक और पेनाल्टी कॉर्नर मिला। कॉर्नर पर मेजबान टीम ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल नहीं कर पाई, लेकिन उसने गेंद को अपने नियंत्रण में रखा और मिंज ने गोल अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

भारत ने तीसरे क्वार्टर में दमदार प्रदर्शन करते हुए मैच पर अपनी पकड़ बना ली। 40वें मिनट में शर्मिला ने गोल करते हुए भारतीय टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया।

दो गोल से पिछड़ने के बाद मेहमान टीम के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कम हो गया। 42वें मिनट में मेजबान टीम को पेनाल्टी कॉर्नर मिला। शानदार फॉर्म में चल रही डिफेंडर गुरजीत कौर ने कोई गलती नहीं की और दमदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल करते हुए स्कोर 3-0 कर दिया।

अमेरिका के लिए चौथे क्वार्टर की शुरुआत खराब रही। 46वें मिनट में भारत ने राइट फ्लैंक से अटैक किया और युवा खिलाड़ी नवनीत ने अमेरिका के गोलकीपर को पूरी तरह से छकाते हुए मेजबान टीम का चौथा गोल दागा।

मेहमान टीम की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई। 51वें मिनट में भारत को पेनाल्टी स्ट्रॉक मिला और गुरजीत ने गेंद को गोल में डालकर अपनी टीम को 5-0 से आगे कर दिया। हालांकि, 54वें मिनट में अमेरिका ने भी पेनाल्टी स्ट्रॉक के जरिए अपना खाता खोला।

दोनों टीमों के बीच दूसरे लेग का मैच शनिवार को खेला जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।