US Iran War: 'यह वेनेजुएला नहीं...', ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री ने ऐसा क्यों कहा था? जानें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जब वह और तेहरान एक दूसरे अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ से बातचीत कर रहे थे, तब माहौल बेहद ही तनावपूर्ण था।
ईरानी विदेश मंत्री और अमेरिकी दूत ने की बातचीत
उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने विटकॉफ से पूछा कि क्या वह कभी ऐसी बातचीत में शामिल हुए हैं? जहां किसी भी पल बमबारी होने का खतरा हो। यह साफ नहीं था कि वह बातचीत के किस हिस्से या जगह की बात कर रहे थे।
अराघची कहते हैं कि ईरान अमेरिका की धमकियों से डरा नहीं। यह वेनेजुएला नहीं है, जहां आप एक व्यक्ति को पकड़ते हैं। बाकी सब डरकर पीछे हट जाते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री और विटकॉफ के बीच बातचीत परमाणु वार्ता के दौरान शुरू हुई ती। तब से अचानक कई दौर की बातचीत जारी है। तेहरान ने कहा कि इस संपर्क को औपचारिक बातचीत नहीं माना जा सकता। ईरानी मीडिया मेहर न्यूज को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि तेहरान वेनेजुएला की तरह घुटने नहीं टेकेगा। दक्षिण अमेरिकी देश में सत्ता परिवर्तन के लिए अमेरिकी सैन्य अभियान का जिक्र किया है।
बातचीत के बाद से कई राजधानियों में हुआ संपर्क
पिछले साल बातचीत शुरू होने के बाद से अराघची और विटकॉफ के बीच संपर्क कई राजधानियों में हुआ है। पहला दौर 6 फरवरी को मस्कट में अप्रत्यक्ष रूप से हुआ। इसमें ओमान के मध्यस्थ दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच आते जाते रहे दिन के अंत में एक संक्षिप्त आमने सामने की बैठक हुई। इसके बाद मस्कट और रोम में तीन और दौर हुए हैं। पांचवा दौर यूरोप में होना था। बाद में दोनों की मुलाकात जिनेवा में हुई है। इसके बाद युद्ध शुरू हो गया। अप्रैल में ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान अधिकारियों की मध्यस्थता में विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ एक बैठक के लिए इस्लामाबाद, मस्क और मॉस्को की यात्रा की। इन औपचारिक दौरों के अलावा दोनों ने सीधे टेक्सट मैसेज को एक पैरलल चैनल भी बनाए रखा।
Created On :   19 July 2026 11:08 PM IST












