मिडिल ईस्ट में बड़े हमले की तैयारी!: क्या ईरान पर होगा भीषण अटैक? अमेरिका ने भेजे अतिरिक्त फाइटर जेट

क्या ईरान पर होगा भीषण अटैक? अमेरिका ने भेजे अतिरिक्त फाइटर जेट
ईरान में अमेरिकी हमले और तेज होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन ने मिडिल ईस्ट में अपनी हवाई ताकत को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए 50 से अधिक अतिरिक्त फाइटर जेट भेजे हैं।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। ईरान में अमेरिकी हमले और तेज होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन ने मिडिल ईस्ट में अपनी हवाई ताकत को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए 50 से अधिक अतिरिक्त फाइटर जेट भेजे हैं। इससे क्षेत्रों में तनाव बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को कमजोर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई अभियान चला सकता है।

तैनातियों पर अमेरिका ने क्या कहा?

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिका के अधिकारियों के हवाले से लिखा कि जर्मनी से एफ-16 और ब्रिटेन से एफ-35 भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ में एरियल रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी पहुंचाएं गए हैं, जो लंबी दूरी के हमलों के लिए बेहद जरूरी है। इन विमानों की तैनातियां शुक्रवार को जॉर्डन में हुए ईरानी हमले से पहले की बताई गई है। हालांकि, अमेरिकी सुरक्षा विभाग CENTCO ने इन तैनातियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन यह साफ है कि अमेरिका इलाके में अपनी हवाई मजबूत करना चाहता है।

F-35 की ताकत

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापान (MoU) के साइन के बाद अब युद्ध नौवीं रात में पहुंच गया है। समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान हमलों को अमेरिका रोकना चाहता है। तेहरान ने जॉर्डन, कतर, बहरीन जैसे मुल्कों में अमेरिकी ठिकानों को टारगेट किया है। इनमें अमेरिकी सेना के कई जवान मारे गए और घायल हुए हैं। एफ-35 जैसे स्टेल्थ जेट्स दुश्मन के राडार से आसानी से बच निकलता है और हमला करने में सक्षम है। वहीं, एफ-15 और एफ-16 हमला करने और डिफेंस के लिए काफी सक्षम है। साथ ही एरियल रिफ्यूलिंग विमान इन जेट्स को फ्यूल पहुंचाने का काम करता है, ताकि वह लंबे समय तक उड़ान भर सके।

ईरान का दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसके पास अभी भी काफी मिसाइले बची हुई है। लेकिन लगातार अमेरिकी हमलों की वजह से उसके बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें पुल, पानी प्लांट, नेत निर्यात केंद्र शामिल है। वहीं, दोबारा से होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने की वजह से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे वैश्विक तेल कीमतों में इजाफा हो रहा है।

Created On :   20 July 2026 5:28 PM IST

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