Israel Ian War: इजराइल-ईरान युद्ध में अमेरिका के कूदने पर रूस का तंज, ट्रंप के 'शांति दूत' बनने की इमेज को बताया ढोंग

इजराइल-ईरान युद्ध में अमेरिका के कूदने पर रूस का तंज, ट्रंप के शांति दूत बनने की इमेज को बताया ढोंग
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद वैश्विक राजनीति में उबाल आ गया है। राजधानी तेहरान में कई धमाकों और पूरे ईरान में हमलों की खबरों के बीच रूस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध से मीडिल ईस्ट दहल उठा है। इस युद्ध में इजराइल और ईरान एक दूसरे पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच रूस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ट्रंप ने एक बार फिर अपना "असली रंग" दिखा दिया है।

रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर कसा तंज

रूस के मेदवेदेव ने ट्रंप पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि "शांति दूत" बनने वाले ट्रंप ने फिर सैन्य रास्ता चुना है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया। शुरुआती हमले की खबर तेहरान से आई, जहां सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय के पास धमाके होने की सूचना मिली। ईरानी मीडिया के मुताबिक देश के कई हिस्सों में हवाई हमले हुए और राजधानी के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए।

वहीं, ईरान पर इजराइल के हमले के बाद सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में "बड़े सैन्य अभियान" शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। ट्रंप का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी थी।

अमेरिका ने मीडिल ईस्ट में सैन्य तैनाती की मौत

रूस ने हालांकि, इस पूरे अभियान को खतरनाक और अस्थिर करने वाला कदम बताया है। मेदवेदेव के बयान को मॉस्को की कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्स की राय है कि रूस का यह रुख संकेत देता है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन नहीं करेगा और कूटनीतिक मोर्चे पर अमेरिका को घेरने की कोशिश कर सकता है।

बता दें, हमले से पहले अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की थी। ऐसे में कई बार ईरान को समझौते के लिए वॉर्निंग दी थी। इस बीच अब रूस के तीखे बयान से यह संकट बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब दुनिया की नजरें इस बात पर है कि क्या यह टकराव मीडिल ईस्ट तक ही सीमित रहेगा या बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील होगा। ईरान पर अमेरिकी दबाव के बीच रूस की ओर से लगातार ट्रंप को चेतावनी दी जा रही थी।

Created On :   28 Feb 2026 5:18 PM IST

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