Ayatollah Ali Khamenei Funeral: भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामेनेई को दी अंतिम विदाई, अब ईरान से भारत के लिए आया ये खास पैगाम

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामेनेई को दी अंतिम विदाई, अब ईरान से भारत के लिए आया ये खास पैगाम
ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया है। इस आभार को ईरानी दूतावास ने भारत स्थित ईरानी दूतावास ने दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान, पुरानी दोस्ती और गहरे सांस्कृतिक रिश्तों का मजबूत प्रतीक बताया। बता दें, खामेनेई अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए भारत की ओर से शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। इसमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा शामिल थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईरान के मुताबिक, खामेनेई की इस वर्ष फरवरी में तेहरान में अमेरिका और इजराइल के हमलों के दौरान मृत्यु हुई थी।

ईरानी दूतावास ने भारत का जताया आभार

भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) चीफ महबूबा मुफ्ती समेत भारत के सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय से कई धार्मिक नेता ने समारोह में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरानी दूतावास ने एक लंबा पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में दूतावास ने कहा कि भारत सरकार, भारतीय जनता और अंतिम संस्कार में शामिल सभी भारतीय प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। दूतावास ने कहा कि राष्ट्रीय शोक की इस घड़ी में भारत ने जो सम्मान और एकजुटता दिखाई है, उसे ईरान हमेशा याद रखेगा।

सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा गया कि भारत के राजनीतिक नेताओं, सांसदों, विद्वानों, बुद्धिजीवियों और अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों की सम्मानजनक उपस्थिति ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों को और मजबूत किया है। ईरान ने इसे दोस्ती, संवेदना और सम्मान का सच्चा प्रतीक बताया। दूतावास ने यह भी कहा कि ईरान के लोग इस कठिन समय में भारत के सहयोग और समर्थन को कभी नहीं भूलेंगे। उनके अनुसार, यह दोनों देशों के मजबूत संबंधों का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है और भविष्य में भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने की मजबूत नींव बनेगा।

10 से 12 घंटे चलेगी खामेनेई की अंतिम संस्कार यात्रा

ईरानी के सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह तेहरान में शुरू हुआ। अधिकारियों के अनुमान है कि अंतिम यात्रा 10 से 12 घंटे तक चलेगी। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक सभाओं में से एक माना जा रहा है। खामेनेई का ताबूत राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर एक विशेष गाड़ी पर रखा गया। गाड़ी को पारंपरिक शैली में सजाया गया था। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहे। कई लोग ताबूत को छूने की कोशिश करते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोगों ने अपने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं वाहन की ओर बढ़ाईं ताकि उन्हें ताबूत से स्पर्श कराया जा सके। ईरान में इसे आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

Created On :   6 July 2026 7:15 PM IST

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