Lord Ganesha Festival in Dubai: गणपति बप्पा के रंग में रंगा दुबई, दूसरे समुदाय भी पहुंचते हैं दर्शन करने, चाइनीज बोलते हैं- 'एलिफेंट बुद्ध'

गणपति बप्पा के रंग में रंगा दुबई, दूसरे समुदाय भी पहुंचते हैं दर्शन करने, चाइनीज बोलते हैं- एलिफेंट बुद्ध
विघ्नहर्ता भगवान गणेश की धूम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया में भी है। दुबई में एक भारतीय NRI परिवार हर साल इस उत्सव को धूमधाम से मनाता है, जिसमें वहां रहने वाले कई देशों के नागरिक इसका हिस्सा बनते हैं।

डिजिटल डेस्क, दुबई। विघ्नहर्ता भगवान गणेश की धूम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया में भी है। दुबई में एक भारतीय NRI परिवार हर साल इस उत्सव को धूमधाम से मनाता है, जिसमें वहां रहने वाले कई देशों के नागरिक इसका हिस्सा बनते हैं। खास बात यह है कि चीन और फिलीपींस में गणेश भगवान को 'एलिफेंट बुद्ध' के नाम से जानते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। दुबई में इस भारतीय परंपरा की शुरुआत इंदौर के रहने वाले एक परिवार ने साल 1992 में की थी। इसके बाद से हर साल 11 दिनों के लिए गणपति बप्पा को अपने घर पर लाते हैं और उसी आस्था और उत्साह के साथ मनाते हैं। सुबह और शाम दोनों समय आरती होती है। इसके बाद सभी लोगों को प्रसाद वितरण भी किया जाता है।

इंदौर के रहने वाले शख्स का नाम चंद्रशेखर भाटिया है। वह दुबई में पिछले 34 सालों से अपने परिवार के साथ गणेश उत्सव मनाते आ रहे हैं, जिन्होंने वहां पर भी अपने देश की परंपरा को जारी रखा। उनका कहना है कि यहां पर लोग सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि उन्हें जोड़ने के लिए भी यह उत्सव मनाते हैं। सब साथ मिलकर खुशियां बांटने का काम भी किया जाता है।

इंदौर की यादों से दुबई तक पहुंची परंपरा

चंद्रशेखर भाटिया बताते हैं कि गणेश चतुर्थी मनाने की शुरुआत उनके बचपन में इंदौर से हुई थी। तब वे करीब 10 साल के थे और अपनी कॉलोनी में गणेश उत्सव मनाते थे। 1992 में परिवार दुबई आ गया, लेकिन गणपति उत्सव से जुड़ी परंपरा वहीं नहीं छूटी। दुबई में भी हर साल गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति की स्थापना की जाती है।

11 दिन तक होती है पूजा और आरती

यहां गणेश उत्सव 11 दिनों तक चलता है। इस दौरान परिवार, दोस्त और पड़ोसी घर आते हैं। दिन की शुरुआत और शाम का समापन आरती से होता है। यानी रोज दो बार आरती की जाती है। पूजा में शामिल होने वाले लोगों को प्रसाद भी दिया जाता है।

भाटिया के मुताबिक, समय के साथ इस आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई। उनके लिए यह सेवा और आस्था, दोनों का हिस्सा है।

दुबई में साथ मनाने का संदेश

चंद्रशेखर भाटिया ने UAE को अलग-अलग समुदायों और संस्कृतियों के साथ रहने वाला देश बताते हुए कहा कि यहां लोग अपनी धार्मिक परंपराएं मनाते हैं, लेकिन इस दौरान दूसरों की सुविधा और भावनाओं का भी ध्यान रखना जरूरी है। उनके अनुसार, गणेश उत्सव उनके लिए समृद्धि, शिक्षा और सह-अस्तित्व का संदेश भी देता है।

गणपति उत्सव में जुड़ते हैं दूसरे समुदाय

चंद्रशेखर भाटिया बताते हैं कि दुबई में अलग-अलग समुदायों के लोग भी उनके घर गणेश भगवान के दर्शन के लिए आते हैं। कई लोग गणेश भगवान की हाथी जैसी आकृति देखकर उन्हें अलग-अलग नामों से समझने की कोशिश करते हैं। उनके लिए यह जिज्ञासा भी इस उत्सव की खूबसूरती का हिस्सा है। साथ ही बताया कि दुबई टॉलरेंस मिनिस्ट्री के मंत्री शेख नहयान बिन मुबारक अल नहयान भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनों को सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि आप अपने घर पर खुशी से मनाएं, ताकि किसी अन्य नागरिक को कोई परेशानी न हो।

Created On :   24 Sept 2026 8:08 PM IST

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