मिडिल ईस्ट तनाव: ईरान ने सीरिया के अल-तन्फ सैन्य ठिकाने पर किया हमला, तेल टैंकर से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद, हिज्बुल्लाह का नाम क्यों आया सामने?

ईरान ने सीरिया के अल-तन्फ सैन्य ठिकाने पर किया हमला, तेल टैंकर से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद, हिज्बुल्लाह का नाम क्यों आया सामने?
मिडिल ईस्ट में तनाव किसी भी हाल में कम होने का नाम नहीं ले रही है। इन सबके बीच ईरान ने पहली बार सीरिया में सैन्य कार्रवाई करने का दावा करते किया है।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। मिडिल ईस्ट में तनाव किसी भी हाल में कम होने का नाम नहीं ले रही है। इन सबके बीच ईरान ने पहली बार सीरिया में सैन्य कार्रवाई करने का दावा करते किया है। ईरानी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सीरिया के अल-तन्फ सैन्य ठिकाने को टारगेट बनाया है। यह हमला एक स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर पर मिसाइल से किया है। इस हमले को लेकर तेहरान ने कहा कि ये कार्रवाई उसने सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के बामपोर स्थित सैन्य ठिकाने पर अमेरिकी हमले के जवाब में की है। दावे में आगे कहा कि इस अमेरिकी हमले के दौरान 388वीं ईरानशहर ब्रिगेड के 7 सैनिक मारे गए थे।

रडार सिस्टम पूरी तरह तबाह?

आईआरजीसी ने दावा करते हुए कहा कि इस हमले के दौरान अमेरिकी सेना के विशेष अभियानों में इस्तेमाल होने वाले एक अहम रडार सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है और कई सैन्य हेलीकॉप्टर भी नष्ट हुए हैं। उसने आगे दावा किया और कहा कि इस दौरान कई अमेरिकी सैनिक भी हताहत हुए हैं। हालांकि, अभी तक ईरान के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। तेहरान के इस दावे पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और सीरिया की मौजूदा सरकार ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

IRGC के दावे के बाद उठे सवाल

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) पहले ही दावा कर चुका है कि इसी साल फरवरी में अल-तन्फ सैन्य अड्डे से पूरी तरह अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो गई थी। इसके बाद इस बेस का नियंत्रण सीरियाई प्रशासन को सौंप दिया गया था। ऐसे में ईरान के इस दावे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि उसने आखिर किस ठिकाने को निशाना बनाया था।

100 से ज्यादा हथियार बरामद

ईरान के इस हमले के पीछे माना जा रहा है कि हाल ही में सीरियाई सुरक्षा एजेंसी ने इराक सीमा के पास अल-तन्फ इलाके में एक खाली तेल टैंकर को तलाशी के दौरान रोका था। इस दौरान 100 से ज्यादा फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलें बरमाद की गई थी। बताया जा रहा है कि ये हथियारों की खेप लेबनान के मिलिशिया संगठन हिज्बुल्लाह तक पहुंचनी थी। हिज्बुल्लाह लंबे समय से ईरान, इराक और सीरिया के रास्ते हथियारों के पहंचे के आरोप झेल रहा है।

Created On :   17 July 2026 6:03 PM IST

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