US Iran Peace Talk 2.0: इस्लामाबाद में शांतिवार्ता 2.0 वार्ता से पहले हलचल तेज, नूरखान पहुंचा अमेरिका का विमान, क्या दोनों देशों के बीच हो पाएगा समझौता

इस्लामाबाद में शांतिवार्ता 2.0 वार्ता से पहले हलचल तेज, नूरखान पहुंचा अमेरिका का विमान, क्या दोनों देशों के बीच हो पाएगा समझौता
मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 2.0 वार्ता को लेकर हलचल तेज है। इस अहम बैठक से ठीक पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची का बयान सामने आया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 2.0 वार्ता को लेकर हलचल तेज है। इस अहम बैठक से ठीक पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ अगले दौर की वार्ता को लेकर कोई प्लान नहीं बना है। इतना ही नहीं, बल्कि ये भी तय नहीं हुआ है कि शांतिवार्ता कब से शुरू होगी।

पाकिस्तान में शांतिवार्ता 2.0 होने की चर्चा तेज

उधर,पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता 2.0 से पहले अमेरिकी वायुसेना के C-17 विमान उतर चुके हैं। इन दो विमानों से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। वहीं, बाकी सात विमानों में जैमर, संचार उपकरण, सुरक्षा संसाधन और हथियार लाए गए हैं। इसके साथ ही एयरफोर्स-2 वीवीआईपी विमान भी भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे आ चुका है।

इधर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका से युद्ध समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द से जल्द अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष खत्म करना चाहिए, ताकि देश पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सके। पब्लिक वर्कर्स के साथ बैठकों के बाद उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए नेतृत्व को पारदर्शी और ईमानदार होना होगा।

शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के राष्ट्रपति से की बात

इस दौरान इस्लामाबाद 2.0 वार्ता से पहले चीन भी एक्टिव हो गया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के सामान्य रहने पर जोर दिया। बीजिंग ने तत्काल और व्यापक युद्धविराम पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट का समाधान केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है।

इसके अलावा लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि इजरायल के साथ संभावित वार्ता में पूर्व अमेरिकी राजदूत सिमोन कराम के नेतृत्व में लेबनानी प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बातचीत का उद्देश्य कब्जे को समाप्त करना, अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहचान करना और वहां सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करना होगा।

Created On :   20 April 2026 7:10 PM IST

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