Israel-Iran-US War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की नाकाबंदी के बीच, भारत को मिली इस मुस्लिम देश की मदद, इस रास्ते पहुंचाया 60 लाख बैरल तेल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की नाकाबंदी के चलते दुनियाभर के कई देशों में गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत देखने को मिल रही है। इस बीच संकट के समय में भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। दरअसल, सऊदी अरब ने यानबु पोर्ट से रेड सी के रास्ते भारत के लिए कई टैंकर तेल लेकर भेज शुरू कर दिए हैं। बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के नाकाबंदी के बीच सऊदी अरब ने जोखिम भरा कदम उठाया है।
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सऊदी अरब ने भारत के लिए भेजा 60 लाख बैरल तेल
kepler के रिपोर्ट के अनुसार, मीडिल ईस्ट में तनाव के बीच सऊदी अरब से 4 बडे़ टैंकर भारत के लिए रवाना हो गए हैं। इनमें करीब 60 लाख बैरल तेल है। इस महीने के अंत में 90 लाख से 1 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल आने की संभावना है। बता दें, दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। भारत भी खाड़ी देशों से ज्यादातर तेल इसी रास्ते से मंगाता है, लेकिन ईरान की ओर से जहाजों पर हमलों के कारण अब यह रास्ता असुरक्षित हो गया है। इसी वजह से सऊदी अरब ने वैकल्पिक रास्ता अपनाया है।
सबसे पहले तेल को पाइपलाइन के रास्ते यानबू तक भेजा जाता है। यह करीब 1200 किलोमीटर लंबी होती है। इसके बाद वहां से टैंकर के जरिए भेजा जाता है। हालांकि इस नए रास्ते की भी अपनी सीमाएं हैं। पाइपलाइन की क्षमता कम है, इसलिए उतना तेल नहीं भेजा जा सकता, जितना होर्मुज के रास्ते भेजा जाता।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मंडराया संकट
बता दें, ईरान में भीषण युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा बाब अल-मंडेब के पास भी संकट मंडरा रहा है। यहां पर हूती विद्रोही पहले जहाजों पर हमला कर चुके हैं। ऐसे में रे़ड शी का रास्ता भी पूरी तरह सेफ नहीं माना जा रहा। फिर भी मौजूदा हालात में यह कदम भारत के लिए राहत देने वाला है, क्योंकि इससे तेल सप्लाई जारी रहेगी ऊर्जा संकट कम होगा। इस बीच अमेरिका ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के एंटी शिप मिसाइल ठिकाने पर बम से हमला किया है। अमेरिका ऐसा करके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरान के कंट्रोल को कम करना चाहता है।
Created On :   18 March 2026 1:19 PM IST












