ड्रैगन की नीयत साफ नहीं: वार्ता और सीमा समझौते के बीच विवादित डोकलाम इलाके में चीन ने बसाए चार नए गांव

November 18th, 2021

हाईलाइट

  • चीन और भूटान में हुआ था सीमा समझौता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच ओपन सोर्स इंटेलीजेंस एकाउंट डेट्रस्फा ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उसने सैटेलाइट इमेज साझा कर दावा किया है कि चीन ने डोकलाम के करीब भूटान का जो विवादित इलाका है वहां चार नए गांव बसाए है। चीन ने इन नए गांवों का निर्माण मई 2020 के बाद किया है।

सैटेलाइट इमेज से प्राप्त इमेज में भूटान के क्षेत्र में चीनी गांवों का निर्माण साफ दिख रहा है। चीन और भूटान के विवादित क्षेत्र में 2020 और 2021 के दौरान निर्माण गतिविधि दिखाई गई थीं। यह गांव लगभग 100 वर्ग किमी के क्षेत्र में बसाए गए हैं। चीन का यह कदम भारत के लिए चिंताजनक है। भूटान की सीमा सुरक्षा के लिए भारत वहां सीमित सशस्त्र बल रखता है। ऐसे में इसका अधिक असर भू-रणनीतिक प्रभाव के तौर पर भी होगा। इसको देखते हुए चीन द्वारा गांवों का निर्माण भारतीय हितों के लिए सही नहीं माना जा रहा है।

डेट्रस्फा के अनुसार मई 2020 के बाद इन चार नए गांवों का निर्माण किया गया है। ये इलाका चीन के यांगडू-चुम्बी वैली से सटा है तो भूटान के हा इलाके के नजदीक है। आपको बता दें। ये इलाका लंबे समय से चीन और भूटान के बीच विवादित माना जाता रहा है। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि करीब 100 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका भूटान ने चीन को दे दिया है या नहीं।  हाल ही में चीन और भूटान ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए एक करार किया था।

एक निजी न्यूज चैनल एबीपी के मुताबिक करीब एक साल पहले सिक्किम से सटे विवादित डोकलाम इलाके के करीब चीन के ऐसे ही गांव के बारे में तस्वीरों को साझा किया था।  आपको बता दें हाल ही में भारतीय सेना की पूर्वी कमान के कमांडिंग इन चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने चीन के इन गांवों के बारे में चिंता जताई थी। कुछ दिन पहले अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि भारत से सटे विवादित इलाकों में चीन अपने गांव बसा रहा है। पेंटागन की रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश से सटे विवादित इलाके में 100 घरों वाले गांव का जिक्र खास तौर से किया गया था।  भूटान के साथ अरुणाचल प्रदेश से सटे विवादित इलाके में चीन द्वारा गांव बसाने की खबर अमेरिका की रक्षा विभाग पेंटागन ने दी थी। इस रिपोर्ट के बाद भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी थी।

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर जारी विवाद अभी खत्म नहीं हुआ हैं उस बीच ऐसी खबरें आना भारत के लिए कहीं ना कहीं चिंता का विषय हैं। आज भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच 14 वें दौर की बातचीत WMCC होने जा रही हैं।