Statement given On The Dollar: शी जिनपिंग ने डॉलर के प्रभुत्व को दी सीधी चुनौती, कहा- अब अमेरिका की करेंसी के दिन लद गए

शी जिनपिंग ने डॉलर के प्रभुत्व को दी सीधी चुनौती,  कहा- अब अमेरिका की करेंसी के दिन लद गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में डॉलर के प्रभुत्व को सीधी चुनौती दी है। जिनपिंग ने हला ही में अपने भाषण में कहा है हम चीन की करेंसी युवान को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब डॉलर के दिन जा चुके हैं विश्व को अस्थिरता के दौरान में ऐसी करेंसी की जरूरत है, जिस पर भरोसा किया जा सके। चीन उसी दिशा में काम कर रहे हैं। हम चीनी मुद्रा युआन को विश्व रिजर्व करेंगी के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहे हैं।

चीनी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में क्या कहा?

अपने भाषण में जिनपिंग ने कहा डॉलर के दिन अब लद चुके हैं। दुनिया को एक ऐसी करेंसी की जरूरत है जिस पर दुनिया भरोसा करे और जिसका व्यापक इस्तेमाल हो। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति और प्रबंधन ठीक से चल सके इसके लिए एक प्रभावी केंद्रीय बैंक होना चाहिए। इसके साथ ही दुनिया में निवेश कंपनियां और वैश्विक वित्तीय केंद्र होने चाहिए, जो विश्व भर की पूंजी को आकर्षित कर सकें।

शी जिनपिंग ने यह बयान कब दिया?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इस बयान को चीनी मैगजीन चिउशी ने उजागर किया है। उन्होंने यह बयान साल 2024 में दिया था। राजनीतिक विशेषज्ञ का मानना है कि ऐसे समय में इस बयान को उजागर करने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बौखलाहट को बढ़ाएगा।

भारत समेत अन्य देश डॉलर का तोड़ तलाश रहे

आपको बता दें, डोनाल्ड ट्रंप अनेक बार दुनिया को डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने की बात कह चुके हैं। ब्रिक्स समूह देशों (विकासशील राष्ट्रों का संघ) पर डॉलर का विकल्प तलाशने की कोशिश करने का हवाला देते हुए 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी भी दी थी। इसमें भारत, चीन और रूस की अगुवाई वाले ब्रिक्स समूह शामिल हैं। विश्व आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत समेत अन्य देश डॉलर का तोड़ तलाश रहे हैं। ब्रिक्स समूह जल्द ही एक साझा डिजिटल पेमेंट सिस्टम भी लॉन्च करने की व्यवस्था बना रहे हैं।

Created On :   2 Feb 2026 5:27 PM IST

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