मिडिल ईस्ट संघर्ष: अमेरिका ने अपना विशाल युद्धपोत USA त्रिपोली किया तैनात , करीब 3,500 मरीन के साथ CENTCOM क्षेत्र में पहुंचा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरानी हमलों को लेकर अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बना दिया है। अमेरिका ने अपना विशाल युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली को तैनात कर दिया है, जो करीब 3,500 मरीन के साथ अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) क्षेत्र में पहुंच चुका है। आपको बता दें मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब दिनों की संख्या बढ़ने के साथ साथ और अधिक भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है।
CENTCOM ने अपने पोस्ट में ईरान के खिलाफ अमेरिका के ऑपरेशन के बारे में भी जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया है कि 28 फरवरी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसमें 11000 से अधिक युद्ध विमान उड़ाए गए और 150 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचा या नष्ट किया गया। इतना ही नहीं अमेरिका ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर, मिसाइल साइट्स, नौसैनिक जहाजों और हथियार निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया है।
विशाल युद्धपोत जापान के अपने घरेलू बंदरगाह से निकला और अब अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के क्षेत्र में एक्टिव हुआ है। यूएसएस त्रिपोली एक अमेरिका-श्रेणी का उभयचर हमलावर जहाज है, जो आकार में लगभग एक एयरक्राफ्ट कैरियर के बराबर है। इसमें हेलिकॉप्टर, MV-22 ऑस्प्रे विमान और F-35B जॉइंट स्ट्राइक फाइटर जेट्स ले जाए जा सकते हैं। इस पर त्रिपोली उभयचर तत्पर समूह और 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी इकाई की टीम तैनात है।
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इसबाद अमेरिका की मौजूदगी और अधिक मजबूत हुई है। पहले से ही क्षेत्र में USS निमित्ज और USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट पोत तैनात हैं। हालांकि, USS जेराल्ड आर. फोर्ड पोत को हाल ही में फायर और मरम्मत के कारण पोर्ट ऑफ स्प्लिट में रोका गया है और यह एक साल तक जंग में शामिल नहीं हो सकता। यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू. बुश विमानवाहक पोत भी नॉर्फोक से पश्चिम एशिया की ओर रवाना हुआ है। अगर यह तैनात हो जाता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों की संख्या तीन हो जाएगी।
अमेरिका का यह कदम संघर्ष के एक महीने बाद न केवल सैन्य ताकत दिखाने का संकेत है, बल्कि संभावित बड़े ऑपरेशन की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। आधुनिक हथियारों और लड़ाकू विमानों से लैस यह जहाज अमेरिका की युद्ध क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। अमेरिका संघर्ष में अपनी पकड़ और प्रभाव को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
Created On :   29 March 2026 8:30 AM IST














