Pakistan on Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले की बरसी पर भी बाज नहीं आया पाकिस्तान, आतंकी साजिश से शहबाज सरकार झाड़ रही पल्ला

पहलगाम हमले की बरसी पर भी बाज नहीं आया पाकिस्तान, आतंकी साजिश से शहबाज सरकार झाड़ रही पल्ला
पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरे हो गए हैं। लेकिन, इसके बावजूद पाकिस्तान जहर उगलने से बाज नहीं आ रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरे हो गए हैं। लेकिन, इसके बावजूद पाकिस्तान जहर उगलने से बाज नहीं आ रहा है। इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का हाथ था। इसके बाद शहबाज सरकार में सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार फिर से पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अताउल्लाह तरार ने कहा कि भारत हमें विश्वसनीय सबूत दे कि पाकिस्तान इस आतंकी हमले में शामिल था।

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर पाकिस्तान ने दी प्रतिक्रिया

दरअसल, आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान दश्कों से अपने आप को साक पाक बताते आया है। पाकिस्तान हमेश खुद को आतकंवाद के खिलाफ लड़ाई में एक साझेदार के रूप में पेश किया है। हालांकि, उसका असली चेहरा कुछ और ही है। वह अक्सर उन आतंकी नेटवर्क का समर्थन करते आया जो क्षेत्रिय अस्थिरता से जुडे हैं। बता दें, पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्देष लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस हमले को एक सोचे समझे प्लान के मुताबिक अंजाम दिया गया था। इसे बॉर्डर के पार से समर्थन, सुरक्षा और बढ़ावा मिलता है।

पाकिस्तानी मंत्री और आसिम मुनीर के खास अताउल्लाह तरार ने कहा, 'पहलगाम की घटना झूठे अभिमान, अहंकार और लालच से प्रेरित मानसिकता को दर्शाती है। आतंकवाद भारत का आंतरिक मुद्दा है, जिसे वह बाहरी तौर पर पेश करता है। पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान अपनी संप्रभुता, गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।'

पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हुई थी हत्या

भारतीय सेना ने एक साल के भीतर न केवल यह कायराना हमला करने वाले आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी कैंपों को तबाह किया। इन दोनों जगहों में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया था। इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के कई ठिकाने पूरी तरह नष्ट कर दिए गए और बड़ी संख्या में वहां मौजूद आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया।

बता दें, 'ऑपरेशन सिंदूर' का उद्देश्य पाकिस्तान से चल रहे आतंकवाद के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना था। पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ वह आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। पर्यटकों की पहचान पूछ कर उनकी निर्मम हत्या की गई। इस आतंकी वारदात ने न केवल मानवता को शर्मसार किया, बल्कि समूचे देश में आक्रोश भी पैदा किया।

Created On :   22 April 2026 11:44 PM IST

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