US Iran War: ईरान-अमेरिका शांतिविराम में भारत की बड़ी भूमिका? जर्मनी पहुंचकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया सही वक्त

ईरान-अमेरिका शांतिविराम में भारत की बड़ी भूमिका? जर्मनी पहुंचकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया सही वक्त
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। केंद्रीय मंत्री ने जर्मनी में बोलते हुए कहा कि भारत ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। केंद्रीय मंत्री ने जर्मनी में कहा कि भारत ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया था। हालांकि, हर चीज का एक समय होता है। मालूम हो कि, पाकिस्तान, मिस्त्र और तुर्किए दोनों देशों के बीच शांतिवर्ता की मध्यस्थता कर रहा है। इसके बाद दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में पहली वार्ता हुई थी।

ईरान-अमेरिका शांतिवार्ता में भारत के रोल पर की चर्चा

इस दौरान जर्मनी में राजनाथ सिंह से पूछा गया था कि क्या पश्चिम एशिया संकट के बीच शांति स्थापित करने में कोई रोल निभा सकता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'भारत ने अपनी तरफ से कोशिश भी की है, लेकिन आप जानते हैं कि कभी-कभी संकट चल रहा होता है तो कई समस्या रहती हैं। सबका एक समय हुआ करता है। हो सकता है कि कल वो समय आ जाए जब भारत उसमें अपनी भूमिका निभाए और उसको सफलता भी मिल जाए। हम इस संभावना से इनकार नहीं कर सकते।'

रक्षामंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की थी और उनसे युद्ध खत्म करने की अपील भी की थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि कूटनीतिक मामलों में हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण बहुत ही संतुलित है।

इस्लामाबाद में हुई थी अमेरिका-ईरान शांतिवार्ता के पहले चरण की वार्ता

बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ था। इसके बाद पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभाई है। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पहुंचा था। इस दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया था। वहीं, ईरान के प्रतिनिधिंडल का नेतृत्व एमबी गालिबाफ ने किया था। हालांकि, इस पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई थी। जेडी वेंस इस्लामाबाद में छोटी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के बाद वाशिंगटन रवाना हो गए थे।

अमेरिका-ईरान शांतिवार्ता के पहले चरण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की सराहना की थी। इसके बाद आसिम मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान गए थे। इस दौरान दोनों देश दूसरे चरण की वार्ता के लिए फिर से राजी हुए थे। हालांकि, इस्लामबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी नहीं आया था। जिसके चलते बातचीत विफल हो गई थी।

इस बातचीत के टलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चतकाल के लिए बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की अपील पर वह सीजफायर को बढ़ा रहे हैं ताकि ईरान को ठोस प्रस्ताव लेकर बातचीत की टेबल पर आए।

Created On :   22 April 2026 3:37 PM IST

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