CM Omar Abdullah on Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर CM उमर अब्दुल्ला ने दी प्रतिक्रिया, कहा - 'पाकिस्तान चाहे भी तो...'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमें आज भी पीड़ित परिवारों के गम में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सब पर भारी पड़ता है। हम सब पहलगाम के अफसोकनाक घटना को याद करते हैं। इस दौरान सीएम ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए याद किया। जिन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन तमाम शहीदों को याद करते हैं जो गोलियों के शिकार हुए, जिनका कोई कसूर नहीं था। वो छुट्टी मनाने आए थे और आतंकियों ने इन लोगों को निशाना बनाकर इनकी कीमती जान छीन ली।
पहलगाम हमले की बरसी पर उमर अब्दुल्ला ने दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हम सब आज भी उनके गम में शामिल हैं। हमने उस दिन तय किया था और आज भी उस पर कायम है कि हमारी मुकम्मल कोशिश रहनी चाहिए कि इस तरह के हादसे कभी दोबारा न हो। हम सब मिलकर इस कोशिश को मुमकिन बनाएंगे।"
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं तो इतना कहूंगा कि अगर इस तरह के हादसे, इस तरह के हमले पाकिस्तान चाहे भी तो हम इसे होने की इजाजत नहीं देंगे। यही हमारी कोशिश रहेगी। हमारी कोशिश है कि हालात ठीक रहें। ये सही है कि पिछले साल के मुकाबले अभी भी पहलगाम के हमले टूरिज्म पर थोड़ा बहुत असर रहा है। लेकिन जैसे जैसे सीजन बढ़ता जा रहा है, हमें उम्मीद है कि ठीक ठाक लोग जम्मू-कश्मीर आएंगे, चाहे माता के दर्शन के लिए, अमरनाथ जी के दर्शन करने के लिए या टूरिज्म के लिए।"
यह भी पढ़े -समंदर के बीच बसा 5 हजार साल पुराना अद्भुत शिवालय, जहां समुद्र देव स्वयं करते हैं 'स्वंभू शिवलिंग' का जलाभिषेक
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर की चर्चा
इस दौरान उन्होंने ईरान-अमेरिका के बीच तनाव को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "हम तो चाहते हैं कि जंग खत्म हो। ये जंग होनी ही नहीं चाहिए थी। अब किस वजह से ईरान पर हमला हुआ ये दो ही मुल्क जवाब दे सकते हैं, एक अमेरिका और एक इजरायल। उनका मकसद क्या था, अभी तक हम समझ नहीं पाए हैं। जो उन्होंने किया वो गलत किया। लेकिन अब तो कम से कम खत्म करें क्योंकि हर मुल्क पर इस जंग का कहीं न कहीं असर पड़ रहा है। तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और तेल का सप्लाई कम हो रहा है। तब भी बाकी देशों से हमारे हालात अच्छे हैं। हमारा पड़ोसी मुल्क कह रहा है कि आप यहां जहाज लाइए लेकिन यहां से तेल भरकर नहीं जा सकते। उस हिसाब से हमारे मुल्क में हालात बेहतर हैं।"
Created On :   22 April 2026 4:30 PM IST












