मिडिल ईस्ट संघर्ष: पाकिस्तान ने ट्रंप के अब्राहम अकॉर्ड समझौते से बनाई दूरी, भारत में इजरायली राजदूत ने जारी की कड़ी प्रतिक्रिया

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। अमेरिका ईरान के बीच तनाव जारी है। इसे खत्म करने के लिए शांति समझौते की बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को मान्यता दिलाने के लिए अब्राहम अकॉर्ड को शामिल किया है। इसके लिए ट्रंप लगातार खाड़ी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश में लगे हैं। इस पर पाकिस्तान की प्रतिक्रि या सामने आई है, उसने अब्राहम अकॉर्ड को खारिज करते हुए इससे किनारा कर लिया है। इस्लामाबाद के इस कदम पर इजरायल की प्रतिक्रिया सामने आई है।
इजरायल ने अब्राहम अकॉर्ड पर क्या कहा?
भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार बताते हैं कि अब्राहम समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति के विचार से आया है, क्योंकि इजरायल स्थिरता की एक शक्ति है। उनका देश चाहता है कि मिडिल ईस्ट में शांति और समृद्धि आए। इसके लिए अब्राहम समझौता इसका हिस्सा बन सकता है। वो आगे बताते हैं कि किसी मसले पर जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायल उसपर भरोसा नहीं करता है। उन्होंने ने आगे कहा कि इजरायल राष्ट्र के खिलाफ ये भयानक यहूदी विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं।
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उन्होंने आगे कहा बताया कि उन्हें लगता है कि इजरायल के नागरिकों के अधिकारों को मान्यता देने मिलने में काफी समय लगेगा। वह आगे बताते हैं कि इजरायल भी इस क्षेत्र का हिस्सा है
ट्रंप ने दी चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के साथ होने वाला समझैता इस बात पर निर्भर करता है कि पाकिस्तान समेत मिस्र, तुर्की, कतर और सऊदी अरब अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने को तैयार होते हैं कि नहीं। हालांकि, पाकिस्तान इस समझौते से अलग हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर बताया कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, और जॉर्डन इस समझौते पर के लिए तैयार रहे।
Created On :   1 Jun 2026 9:49 PM IST











