मिडिल ईस्ट संघर्ष: ट्रंप और नेतन्याहू की फोन पर बातचीत, बेरूत से वापस लौटेगी अमेरिकी सेना! लेबनान के साथ इस मुद्दे पर बनी सहमति

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फोन लंबी बातचीत हुई है। इसकी पुष्टि ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर की है। दोनों नेताओं की यह चर्चा ऐसे समय पर हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर लगातार बातचीत की दौर जारी है, लेकिन ये खबर भी मिली है कि ईरान इस वार्ता को रोक दिया है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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ट्रंप और नेतन्याहू की क्या हुई बात?
ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत को लेकर कहते हैं कि उनकी इजराय के पीएम के साथ सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने आगे बताया कि बेरूत में कोई भी सैनिक अब नहीं भेजा जाएगा। इसके साथ ही जो सैनिक वहां पर तैनात है, उन्हें तुरंत लौटने के लिए कह दिया जाएगा।
ट्रंप की हिज्बुल्लाह के साथ बातचीत
ट्रंप का कहना है कि एक हाई लेवल डेलिगेशन के जरिए उनकी बातचीत हिज्बुल्लाह के साथ हुई। इस दौरान सहमति बनी की है, उसपर जारी गोलीबारी की कार्रवाइयां पूरी तरह से रोक दी जाएगी। यानी की अब इजरायली सेना लेबनान पर हमला नहीं करेगी और न ही हिज्बुल्लाह उस पर कोई हमला करेगा।
बताते चलें कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इसके बाद से पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। इसका असर खाड़ी में स्थित समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी हुआ है।
ईरान करना चाहता है डील
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आगे बताते हैं कि ईरान सचमुच में समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका और उनके साथ खड़े लोगों के लिए एक बेहतर डील होगी। उन्होंने आगे कहा कि क्या डेमोक्रेट्स और कुछ ऐसे रिपब्लिकन देशभक्त नहीं लगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वो यह नहीं समझते हैं कि उनके लिए यह काम कितना सही है। बातचीत करने से ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
Created On :   2 Jun 2026 1:48 AM IST










