Middle East Tension: 'मैं दखल न देता तो तुम जेल में होते', ट्रंप के सख्त रवैये के बाद नेतन्याहू ने सैनिकों को बुलाया वापस, लेबनान पर टला हमला!

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात कर लेबनान की राजधानी बेरूत पर प्रस्तावित बड़े हमले को रोकने की अपील की है। ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद इजरायल ने अपने सैनिकों को वापस बुला लिया और संभावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया। इस कदम को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस बातचीत और उसके नतीजे की जानकारी साझा की।
ट्रंप ने नेतन्याहू से हमले को रोकने की अपील की
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सीधे बात की। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बेरूत पर बड़े हमले से बचने की सलाह दी। बातचीत के बाद नेतन्याहू ने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला लिया। ट्रंप ने इसके लिए उनका धन्यवाद भी किया। इस फैसले से क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कुछ हद तक कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
फोन पर हुई तीखी बातचीत की चर्चा
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत काफी तीखी रही। बताया गया कि ट्रंप ने लेबनान को लेकर इजरायल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर नाराजगी जताई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू को सख्त शब्दों में चेतावनी दी और क्षेत्र में हालात बिगाड़ने से बचने की सलाह दी। हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप न किया होता तो वह (नेतन्याहू) जेल में होते।
Created On :   2 Jun 2026 11:33 AM IST










