Bangladesh News: दुर्गा पूजा पर शेख हसीना का संदेश, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर जताई चिंता

दुर्गा पूजा पर शेख हसीना का संदेश, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर जताई चिंता
नवदुर्गा उत्सव भारत समेत दूसरे देशों में हिंदू नागरिक इस पावन पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। इस बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर चिंता जाहिर की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना इस वक्त भारत में रह रही हैं। नवदुर्गा उत्सव भारत समेत दूसरे देशों में हिंदू नागरिक इस पावन पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। इस बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि साल 2024 में उनकी सरकार गिरने के बाद से ही अल्पसंख्यक समुदायों, मंदिरों और घरों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। उन्होंने इस शारदीय दुर्गोत्सव के अवसर पर अपना एक संदेश जारी किया है।

शेख हसीना का मैसेज

समाचार एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में शेख हसीना के हवाले से बताया, "बड़े दुख-पीड़ा के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि इस साल दुर्गोत्सव ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश के धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की गहरी भावना व्याप्त है।" उनका आगे कहना है कि 5 अगस्त, 2024 को उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद से पूरे देश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न, हत्याओं, मूर्तियों की तोड़फोड़ तथा मंदिरों, घरों और संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है।

इनके अलावा उन्होंने जबरन वसूली, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने इन घटनाओं को सिर्फ बांग्लादेश तक सीमित नहीं बताया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इनका जिक्र किया है। साथ ही गहरी चिंता व्यक्त की है।

बांग्लादेश सांप्रदायिक सद्भाव की भूमि

बांग्लादेश की पूर्व पीएम का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब वहां से हिंदू पूजा स्थलों पर हमले, मूर्तियों और दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ की खबरें लगातार मिल रही हैं। उनका कहना है कि उनका देश सांप्रदायिक सद्भाव की भूमि है। राष्ट्रपति बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान ने एक ऐसे बांग्लादेश का सपना देखा था, जहां हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध और ईसाई समेत सभी धर्मों और समुदायों के लोग समान अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के साथ मिल-जुलकर रह सकें।

Created On :   15 Oct 2026 6:29 PM IST

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