अमेरिका और ईरान के बीच MoU!: तेहरान नहीं बढ़ाएगा परमाणु हथियार, अमेरिका नहीं करेगा ईरान पर हमला, नए समझौते में और क्या क्या होगा खास?

तेहरान नहीं बढ़ाएगा परमाणु हथियार, अमेरिका नहीं करेगा ईरान पर हमला, नए समझौते में और क्या क्या होगा खास?
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियार को लेकर तनाव गहराया हुआ था। अब यह काफी हद तक कम हो गया है। शांति समझौते के लिए दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियार को लेकर तनाव गहराया हुआ था। अब यह काफी हद तक कम हो गया है। शांति समझौते के लिए दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं, लेकिन इसमें तेहरान के परमाणु हथियार के मुद्दे शामिल नहीं करने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस मुद्दे के लिए तेहरान और वॉशिंगटन नया समझौता कर सकते हैं। ये दावा एक्सियोस की रिपोर्ट में किया गया है। उसने बताया कि ईरान के हाइली एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे को सुलझाने के लिए नया रास्ता खोजा जा सकता है।

नई बातचीत का मकसद?

एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से अपनी खबर में बताया है कि दोनों देशों के बीच होने वाले नए समझौते में ईरान की परमाणु जरूरतों को शामिल किया जाएगा और उनके भविष्य की संवर्धन गतिविधियों पर एकसाथ बैठकर चर्चा की जाएगी। इस वार्ता का मकसद एक स्थायी और व्यापक समझौते के लिए आधार तैयार करना है। इस मुद्दे पर जब दोनों देश के अधिकारी बातचीत करेंगे तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को वैसे ही रहने देगा, जो अभी जिस स्थिति में हैं। इसमें न तो वह कोई बदलाव न ही कोई बढ़ोतरी करेगा। इतना ही नहीं अमेरिका उस दौरान तेहरान पर कोई नया प्रतिबंध भी नहीं लगाएगा।

हस्ताक्षर के बाद क्या होगा?

अगर अमेरिका और ईरान के बीच इस नए समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं तो उस स्थिति में अमेरिका 30 दिनों के भीतर अपनी सेना की इलाके से वापसी कराएगा। इसके साथ ही एक तय समय में ईरान पर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह से हट जाएंगे। दोनों देश नए समझौते में तय किए गए परमाणु नियमों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ागे।

इस समझौते में क्या जीत गया ईरान?

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर हुए साइन पर तेहरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ईरानी टीवी से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य अभियान खत्म हो गए हैं। जिसे उन्होंने ईरान की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते पर कतर के मध्यस्थों ने तेहरान में लगभग 14 से 15 घंटे तक लंबी बातचीत की थी।

Created On :   16 Jun 2026 5:22 PM IST

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