समंदर में बचाव अभियान: भारतीय नाविकों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिका की भूमिका, सेंट्रल कमांड ने अभियान पर दी जानकारी

भारतीय नाविकों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिका की भूमिका, सेंट्रल कमांड ने अभियान पर दी जानकारी
समंदर में भारतीय क्रू मेंबर वाला एक व्यापारिक जहाज डूबने की कगार पर था। इनके रेस्क्यू अभियान पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। समंदर में भारतीय क्रू मेंबर वाला एक व्यापारिक जहाज डूबने की कगार पर था। इनके रेस्क्यू अभियान पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 14 जून को उत्तरी अरब सागर में डूबते हुए जहाज पर तैनात नाविकों की जान बचाने में उनकी नौसेना ने अहम भूमिका निभाई। इसके लिए सर्च एंड रेस्क्यू हेलिकॉप्टर की वजह से 14 भारतीय नाविकों की जान बच पाई।

अमेरिका कैसे हुआ शामिल?

सेंट्रल कमांड आगे बताता है कि इस जहाज पर सबसे पहले अमेरिकी नौसेना के 'P-8' निगरानी विमान पर तैनात जवानों की नजर पड़ी। उसके बाद उन्होंने समुद्र में एक सर्च एंड रेस्क्यू किट नीचे गिराई, जो एक लाइफ राफ्ट (बचाव नौका) थी। इसके बाद इस लाइफ राफ्ट पर सभी 14 भारतीय नाविक सवार हो गए थे। इसके बाद एमवी जबल अली 9 नाम का जहाज घटनास्थल पर पहुंच गया और लाइफ राफ्ट से 11 नाविकों को सुरक्षित बचाया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर तैनात एमएच-60 सी हॉक हेलिकॉप्टर ने 14 नाविकों में से 3 तीन अन्य नाविकों की जान बचाई, क्योंकि इनकी लाइफ राफ्ट खराब मौसम और समुद्र में ऊंची लहरों की वजह से पलट गई थी। इसके बाद इन्हें भी एमवी जबल अली 9 जहाज पर पहुंचाया गया।

भारत ने घटना पर क्या कहा?

इस घटना पर भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स पर बताया कि मोटर से चलने वाली नाव का इंजन खराब हो गया था। यह घटना मस्कट के तट दूर हुई थी। इसके बाद चालक दल के सदस्यों को एक लाइफ राफ्ट के जरिए बचाया गया। इसके जरिए उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। यह घटना ओमान के रास अल हद्द से करीब 80 समुद्री मील दूर का बताया जा रहा है।

Created On :   15 Jun 2026 10:05 PM IST

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