Tibet Earthquake: तिब्बत में फिर आया भूकंप, 5.9 रही तीव्रता, चीन और नेपाल भी कांपे

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। तिब्बत में रविवार को भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। इसकी गहराई जमीन से 9 किलोमीटर नीचे थी। इसके साथ चीन के चिंघाई इलाके और नेपाल में भी भूकंप आया। चीन में 5.7 और नेपाल में 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
इससे पहले 15 अक्टूबर को तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं जनवरी 2025 में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में 400 लोगों की मौत हो गई थी।
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तिब्बत में क्यों आते हैं भूकंप?
तिब्बत दुनिया के उन इलाकों में शामिल है जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जाते हैं। यहां इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इंडियन प्लेट धीरे-धीरे उत्तर की तरफ बढ़ रही हैं और येरेशियन प्लेट को धक्का दे रही है।
प्रेशर की वजह से जमीन के नीचे की चट्टीनों में हलचल होती है। जब चट्टानें अचानक खिसकती हैं तो जमीन में कंपन होता है, जिसे भूकंप कहा जाता है। तिब्बत में जमीन के भीतर की दरारों में प्रेशर जमा होता रहता है, जिसके चलते यहां बार-बार भूकंप आते हैं।
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उत्तराखंड भी कांपा
रविवार को ही उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक दोपहर 12:51 बजे 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। झटके महसूस होते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। किसी भी तरह के नुकसान की अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में था। इसकी गहराई करीब 11 किलोमीटर दर्ज की गई थी। भूकंप के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा और संभावित नुकसान की स्थिति की समीक्षा की।
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