Tibet Earthquake: पल-पल मौत का खौफ, भूकंप के झटकों से एक बार फिर कांपा तिब्बत, 4.5 रही तीव्रता, 12,000 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

पल-पल मौत का खौफ, भूकंप के झटकों से एक बार फिर कांपा तिब्बत, 4.5 रही तीव्रता, 12,000 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भौगोलिक रूप से भारत का पड़ोसी क्षेत्र तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भारतीय समयानुसार शनिवार (24 अक्टूबर) की सुबह करीब 5:38 पर आया। रिएक्टल स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 रही। इसके दो दिन पहले यानी गुरुवार की रात करीब 7.0 की तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के इन झटकों ने लोगों के अंदर खौफ पैदा कर दिया है।

इस भूकंप से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं, 65 लोग घायल हुए हैं। ये भूकंप रात करीब 10:33 बजे आया था। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर के बाचेन काउंटी इलाके में बताया जा रहा है। भूकंप के झटकों को देखते हुए 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश में कैंडल मार्च

तिब्बत के नागचू (नाकचू) क्षेत्र में आए विनाशकारी भूकंप में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) द्वारा धर्मशाला के मैकलॉडगंज में एक कैंडल लाइट प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस सभा में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई।

तिब्बत का इलाका भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ऐसा जमीन के अंदर भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने की वजह से होता है। इन्हीं प्लेट्स के टकराने से हिमालय का निर्माण भी हुआ था।

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