France Protest: फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल, फिर सड़कों पर उतरेंगे लोग? 70,000 पुलिसकर्मी तैनात

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल, फिर सड़कों पर उतरेंगे लोग? 70,000 पुलिसकर्मी तैनात
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं, कई संग्रहालय बंद रहेंगे और सुरक्षा बढ़ाई गई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों पर बढ़ते खर्च को लेकर लोग काफी नाराज हैं। इसी के चलते शनिवार को देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन होने वाले हैं। इन प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि देशभर में करीब 70,000 पुलिसकर्मियों और जेंडरमेरी के जवानों को तैनात किया गया है। बता दें कि, पिछले सप्ताह प्रदर्शन के दौरान कई जगह तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट हुई थी। सरकार नहीं चाहती कि इस बार भी ऐसे हालात बनें। सुरक्षा के लिए बख्तरबंद गाड़ियां, ड्रोन और हेलीकॉप्टर भी लगाए जाएंगे। पेरिस के लूव्र संग्रहालय समेत कुछ बड़े संग्रहालय बंद रहेंगे।

हिंसा रोकने के लिए पुलिस अलर्ट

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए खास पुलिस टीमों के साथ बख्तरबंद गाड़ियां और पानी की बौछार करने वाले वाहन भी लगाए जाएंगे। बस इतना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर और ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। कुछ खास अभियानों में काम करने वाले जवानों को भी तैयार रखा गया है। कई शहरों में प्रदर्शन की जगह और रास्ते बदल दिए गए हैं। कुछ इलाकों में लोगों को प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई है।

पिछले प्रदर्शन में हुई थी तोड़फोड़ और लूटपाट

मालूम हो कि, पिछले शनिवार को महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांत थे लेकिन बाद में कुछ जगहों पर हालात काफी बिगड़ गए। पेरिस, मार्सिले और लियोन जैसे शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई। लिमोज शहर में सिटी हॉल में आग लगा दी गई थी, जिससे इमारत को नुकसान पहुंचा। सरकार ने माना था कि पिछले सप्ताह हिंसा को रोकने में उसे परेशानी हुई। जानकारी के मुताबिक, इन घटनाओं के दौरान 2,700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब दोबारा हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है।

महंगाई के साथ दूसरे मुद्दों पर भी नाराजगी

फ्रांस में लोगों की नाराजगी सिर्फ महंगाई को लेकर ही नहीं है। रहने का खर्च बढ़ने, सरकारी सेवाओं में परेशानी और बजट में कटौती को लेकर भी विरोध हो रहा है। शनिवार को छात्रों, मजदूर संगठनों और येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। येलो वेस्ट आंदोलन ने 2018 और 2019 में भी फ्रांस में बड़े प्रदर्शन किए थे। इस बार दुकानों और सरकारी इमारतों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका भी जताई है जिसका असर प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले लोगों की संख्या पर पड़ सकता है।

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