Middle East Conflict: अमेरिका पर पलने वाला पैरासाइट है इजरायल- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा जुबानी हमला

डिजिटल डेस्क, तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपनी टिप्पणी में इजरायल को अमेरिका का 'पैरासाइट' बताया है। उन्होंने अपने बयान में एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पिछले तीन सालों में अमेरिका ने अपने करदाताओं के 11 अरब डॉलर यानी लगभग 1 लाख करोड़ रुपये इजरायल की मिसाइल सुरक्षा में लगाए हैं।
'आपसी लाभ वाला रिश्ता नहीं'
ईरानी विदेश मंत्री अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर कहते हैं, "इजरायल की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने खुद इजरायल की तुलना में कहीं अधिक इंटरसेप्टर दागे हैं। यह कोई आपसी लाभ वाला रिश्ता नहीं है। यह तो एक परजीवी (पैरासाइटिक) रिश्ता है।"
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में वोटिंग के लिए दो सप्ताह से भी कम समय बचा है। इस बीच कई सर्वे रिपोर्ट सामने आई हैं, जिनमें बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों में वॉशिंगटन की भागीदारी को लेकर जनता काफी नाराज है।
'इजरायल अमेरिका को पहुंचा रहा नुकसान'
अब्बास अराघची ने अपनी इस पोस्ट के जरिए इजरायल को अमेरिका के लिए नुकसानदायक बताया है। साथ ही कहा कि कहीं न कहीं, उसे परजीवी बताकर वह अमेरिकी नागरिकों को यह कहना चाहते हैं कि अमेरिका के करदाताओं के पैसों का इजरायल दुरुपयोग कर रहा है। इसी प्रकार वह अमेरिका को अपना साथी बनाकर उसे नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है।
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कितने पुराने हैं अमेरिका-इजरायल के रिश्ते?
अमेरिका और इजरायल के बीच रिश्ते दशकों पुराने हैं। अमेरिका इजरायल के लिए अरब देशों के खिलाफ लड़ता आया है। साथ ही, किसी दूसरे देश को नुकसान पहुंचाने के लिए उसे सैन्य सुविधाएं भी देता आया है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ वॉशिंगटन यरुशलम की मदद करता है, बल्कि इजरायल भी उसके साथ हमेशा खड़ा रहा है।
पिछले 8 महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है। शुरुआत में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर अटैक किया था। इसके बाद यह सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई हो गई है। वहीं, इजरायल लगातार गाजा में हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। यानी दोनों सहयोगी देश फिलहाल युद्ध में व्यस्त हैं।
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