ईरान युद्ध में अमेरिका को भारी नुकसान?: चालीस दिन की जंग में ट्रंप ने करवाया 23,700 करोड़ रुपये का नुकसान, CSIS ने अमेरिकी सैन्य के तबाह हुए हथियारों को लेकर जारी की रिपोर्ट

चालीस दिन की जंग में ट्रंप ने करवाया 23,700 करोड़ रुपये का नुकसान, CSIS ने अमेरिकी सैन्य के तबाह हुए हथियारों को लेकर जारी की रिपोर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच हमले लगभग 40 दिन चले। इसके बाद 7 अप्रैल, 2026 को दोनों के बीच में अस्थायी सीजफायर हुआ है। जो अभी भी जारी है। इस बीच, अमेरिका को इन 40 दिनों के भीतर कितने डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हमले लगभग 40 दिन चले। इसके बाद 7 अप्रैल, 2026 को दोनों के बीच में अस्थायी सीजफायर हुआ है। जो अभी भी जारी है। इस बीच, अमेरिका को इन 40 दिनों के भीतर कितने डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। इसको लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिका स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने अपनी रिपोर्ट में ईरानी मिसाइलों, ड्रोनों और एक दुर्भाग्यपूर्ण 'फ्रेंडली फायर' का जिक्र करते हुए बताया कि इनके कारण अमेरिकी सैन्य उपकरणों को 2.3 अबर से 2.8 अरब डॉलर (लगभग 19,400 करोड़ से 23,700 करोड़ रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है। ये अनुमान सिर्फ हवाई उपकरणों का है। इसमें अमेरिकी ठिकानों और नौसेना पर हुए हमलों को शामिल नहीं किया गया है।

अमेरिका को कुल कितना हुआ नुकसान?

CSIS के सीनियर एडवाइजर मार्क कैनशियन ने बताया कि THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के करीब दो पावरफुल रडार तबाह हुए हैं, जिनकी कीमत लगभग 4,100 करोड़ से 8,200 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। इसके अलावा, एक फ्रेंडली फायर भी नष्ट हुआ है, जिसके नुकसान की कीमत लगभग 19,400 करोड़ से 23,700 करोड़ रुपये आकी गई है। वहीं, कुवैत में तीन F-15 फाइटर जेट तबाह हो गए थे।

रक्षा मंत्री ने किया था दावा

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी, 2026 को ईरान पर हमला हमला किया था। इसी हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 26 मार्च को कैबिनेट बैठक में बड़ा दावा करते हुए कहा था कि इतिहास में कभी भी किसी देश की सेना को इतनी तेजी और प्रभावी ढंग से कमजोर नहीं किया गया है। इसके ठीक अगले दिन ईरान ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस 'प्रिंस सुल्तान' पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया था। इस हमले में एक बेहद ही महंगा E-3 AWACS रडार डिटेक्शन विमान के तबाह होने की जानकारी मिली थी, जिसकी कीमत लगभग 5,920 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

Created On :   1 May 2026 7:06 PM IST

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