Iran-America Ceasefire: 'होर्मुज खुलकर रहेगा, इसके लिए समझौते की जरूरत नहीं', वार्ता से पहले US सख्त, ट्रंप ने किया ईरानी सेना के कमजोर होने का दावा

होर्मुज खुलकर रहेगा, इसके लिए समझौते की जरूरत नहीं, वार्ता से पहले US सख्त, ट्रंप ने किया ईरानी सेना के कमजोर होने का दावा
इस्लामाबाद वार्ता से पहले अमेरिका सख्त नजर आ रहा है। वहीं, ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है। तनाव और बातचीत दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस समय दुनिया की नजर इस्लामाबाद में होने वाली बड़ी शांति वार्ता पर है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खोला जाएगा। यह रास्ता बहुत जरूरी है क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी से गुजरता है। अगर यह बंद रहता है तो कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन बातचीत की कोशिश जारी है। इस बीच दोनों देशों के नेताओं के बयान माहौल को और गंभीर बना रहे हैं।

ट्रंप का सख्त बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे कर चुका है और अब उनका ध्यान सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने ईरान की ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सैन्य ताकत कमजोर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की जीत हो चुकी है और अब खाड़ी का रास्ता खुलना तय है। उनके इन बयानों से साफ है कि अमेरिका इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।

ईरान की शर्तें और तैयारी

ईरान की तरफ से भी बातचीत को लेकर तैयारी चल रही है। संसद के स्पीकर मोहम्मद बकर कलीबाफ ने कहा कि बातचीत शुरू होने से पहले कुछ जरूरी वादे पूरे होने चाहिए। ईरान की टीम में सैयद अब्बास अरागची और अन्य बड़े अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। इससे पता चलता है कि ईरान भी अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ना चाहता है और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहता।

बातचीत से पहले तनाव बरकरार

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बात करेगा तो अमेरिका तैयार है। लेकिन अगर कोई चाल चली गई तो जवाब सख्त होगा। वहीं बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि वे लेबनान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। इन सब बयानों से साफ है कि शांति की कोशिश के साथ-साथ तनाव भी बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता क्या नतीजा देती है।

Created On :   11 April 2026 8:54 AM IST

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