अंतरिक्ष मिशन: आर्टेमिस मिशन के चार-सदस्यीय क्रू को ओरियन कैप्सूल से सुरक्षित बाहर निकाला, 10 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद प्रशांत महासागर में हुई लैंडिंग

आर्टेमिस मिशन के चार-सदस्यीय क्रू को ओरियन कैप्सूल से सुरक्षित बाहर निकाला, 10 दिनों  की अंतरिक्ष  यात्रा के बाद प्रशांत महासागर में  हुई लैंडिंग
आर्टेमिस मिशन के चार-सदस्यीय क्रू, जिनमें NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरिक्ष में लगभग 10 दिनों के बाद, आर्टेमिस कैप्सूल और उसके चार-सदस्यीय चालक दल ने प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से लैंडिंग की।

आर्टेमिस मिशन के चार-सदस्यीय क्रू को ओरियन कैप्सूल से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। कैप्सूल प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से उतरा था। इस क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे।

आपको बता दें NASA का आर्टेमिस मिशन एक ऐतिहासिक आर्टेमिस प्रोग्राम है, जिसका मकसद 1972 के बाद पहली बार मानवों को चंद्रमा पर वापस भेजना और वहां स्थायी मौजूदगी स्थापित करना है। आर्टेमिस 2 के तहत 11 अप्रैल 2026 को चार अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक चांद की परिक्रमा कर पृथ्वी पर वापस लौट आए। आर्टेमिस कार्यक्रम मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की तैयारी का भी हिस्सा है। आर्टेमिस I (2022) में ओरियन कैप्सूल ने चांद के चारों ओर चक्कर लगाया, यह मानव रहित परीक्षण ।

आर्टेमिस II (2026) के तहत 4 अंतरिक्ष यात्रियों विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैनसेन, रीड वाइसमैन ने 10 दिनों की यात्रा पूरी की, जो अपोलो के बाद चंद्रमा के पास जाने वाला पहला मानव मिशन था। भविष्य में आर्टेमिस III (2027/2028) मिशन की योजना है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री वास्तव में चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें इसकी तकनीक में नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Created On :   11 April 2026 10:24 AM IST

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