US Iran Ceasefire Talks In Islamabad: शांतिवार्ता फेल होने पर बैकअप प्लान के भरोसे बैठे ट्रंप! क्या ईरान संग फिर से मोल लेंगे जंग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता को लेकर दुनिया की निगाहें टिकी हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के हाई लेवल डेलिगेशन की मीटिंग शुरू हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बैकअप प्लान के भरोसे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ वार्ता विफल होती है तो अमेरिका के पास कोई वैकल्पिक योजना नहीं है।
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शांतिवार्ता फेल होने पर अमेरिका का बैकअप प्लान
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि अगर अमेरिका-ईरान वार्ता विफल हो जाती है और तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने से इनकार कर देता है तो क्या वॉशिंगटन के पास कोई वैकल्पिक योजना तैयार है। इसके जवाब ट्रंप ने कहा कि बैकअप प्लान की जरूरत नहीं है। उनकी सेना पराजित हो चुकी है। उनके पास बहुत कम मिसाइलें हैं और उनकी उत्पादन क्षमता भी बहुत कम है। हमने उन्हें करारा झटका दिया है। हमारी सेना अद्भुत है और उन्होंने जो काम किया है वह सराहनीय है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सेना की तैनाती बढ़ा दी है। बता दें, अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर जारी है। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची सहित ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज सुबह इस्लामाबाद पहुंचा. पाकिस्तान के मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उनका स्वागत किया।
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इस्लामाबाद पहुंचे यूपी के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
इस्लामाबाद में आयोजित शांतिवार्ता में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उन्होंने पेरिस से रवाना होने से पहले तेहरान को वॉर्निंग दी थी। उन्होंने कहा था कि तेहरान वॉशिंगट के साथ खिलवाड़ न करें। जेडी वेंस ने कहा, "अगर वे हमारे साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ताकार दल इतना सहयोग नहीं करेगा।"
बता दें, पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता की चर्चाओं को लेकर मतभेद थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 15 सूत्री रूपरेखा तैयार की थी। इसमें कथित तौर पर ईरान से अत्याधिक समृद्ध यूरेनियम छोड़ने और अपनी सैन्य शक्ति पर सीमाएं स्वीकर करने की मांग की गई थी। उधर, ईरान ने भी 10 सूत्रों योजना तैयारी की थी। इसमें हर्जाने की मांग की गई थी और अमेरिका से होर्मुज पर तेहरान की संप्रभुता को मान्यता देने की अपील की थी।
Created On :   11 April 2026 3:10 PM IST













