US-ईरान शांति वार्ता: उड़ान में मेरे साथी, मिनाब168, ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ ने दुनिया को दिखाई तस्वीर, अमेरिका पर बनाया दबाव

उड़ान में मेरे साथी, मिनाब168, ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ ने दुनिया को दिखाई तस्वीर, अमेरिका पर बनाया दबाव
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के संदेश ने इस्लामाबाद शांति वार्ता से पहले तैयार किया माहौल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेस्टर्न एशिया में बढ़ते तनाव को खत्म करने का कूटनीतिक हल निकालने के लिए इस्लामाबाद में US-ईरान के बीच शनिवार को शांति वार्ता शुरु होनी वाली है। 14 ईरानी नेताओं और 4 अमेरिकी दिग्गजों के बीच होने वाली वार्ता से पहले ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ की इस्लामाबाद यात्रा ने शांति वार्ता के लिए माहौल तैयार किया है। गालिबाफ की इस योजना को अमेरिका पर दबाव बनाने के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें गालिबाफ ने दुनिया के सामने एक अलग ही तरह का दृश्य पेश किया।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की, पोस्ट में गालिबाफ ने लिखा कि इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब168। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में मारे गए बच्चों और कर्मचारियों के लिए मिनाब168 लिखा था। इस हमले में 165 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे। पाक की राजधानी पहुंचते ही गालिबाफ ने शांति वार्ता को लेकर एक मीडिया से बात करते हुए कहा है कि तेहरान अच्छी नीयत से, लेकिन भरोसे के बिना चर्चा करने जा रहा है। उन्होंने आगे कहा अमेरिकियों के साथ बातचीत का उनका अनुभव हमेशा विफलता और समझौते के उल्लंघन से जुड़ा है। इस दौरान उन्होंने अमेरिका पर कूटनीतिक धोखे और बेईमानी का आरोप लगाते हुए आगाह रहने को कहा, गालिबाफ ने ये भी कहा अगर शांति वार्ता का गलत इस्तेमाल हुआ तो ईरान पूरी दढ़ता से जवाब देने की अमेरिका को चेतावनी दी।

दरअसल ईरानी संसद के अध्यक्ष जिस प्लने से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे थे, उसकी खाली सीटों पर मिनाब स्कूल पर हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों में मृतक छात्र-छात्राओं और पीड़ितों की तस्वीरें लगाई गई थी। गालिबाफ की ओर से पीड़ितों को इस तरह से श्रद्धांजलि देना शांति वार्ता से पहले के संदेशों में एक भावनात्मक केंद्रीय बिंदु बन गया है। गालिबाफ ने इस तस्वीर को एक्स पर साझा कर दुनिया को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।

Created On :   11 April 2026 12:05 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story