US Iran Peace Talks: क्या ईरान के विदेशी बैंक अकाउंट पर लगी रोक हटाएगा अमेरिका? जानें व्हाइट हाउस का जवाब

क्या ईरान के विदेशी बैंक अकाउंट पर लगी रोक हटाएगा अमेरिका? जानें व्हाइट हाउस का जवाब
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांतिवार्ता को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की एक शर्त पर हामी भर दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांतिवार्ता को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की एक शर्त पर हामी भर दी है। ईरानी सूत्रों ने बताया कि अमेरिका कतर और अन्य बैंकों में जमा ईरानी संपत्ति को जारी करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, अब व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने ईरान की एक भी शर्त नहीं मानी है। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा था कि ईरान ने इस कदम का स्वागत करते हुए इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए गंभीरता का संकेत दिया है। ऐसे में अगर ईरान पर लगे प्रतिबंध हटते हैं तो हॉर्मुज खुलने की संभवाना भी बढ़ सकती है। ईरान हॉर्मुज पर कंट्रोल और युद्ध में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग उठ रहा है।

इस्लामाबाद में होगी ईरान-अमेरिका शांतिवार्ता पर चर्चा

बता दें, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को युद्ध खत्म करने के लिए ईरान-अमेरिका के दिग्गज नेता शामिल होने पहुंचे हैं। इससे पहले ईरान ने बातचीत पर संदेह पैदा कर दिया था कि लेबनान और प्रतिबंधों के मुद्दे पर मजबूत प्रतिबद्धताओं के बिना बातचीत संभव नहीं हो सकती। इस्लामाबाद में अमेरिका का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर भी पहुंचे हैं। इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिका के एयरबेस पर प्रतिनिधिमंडल के दो विमान पहुंचे हैं। इस दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने उनका स्वागत किया।

1979 के बाद ईरान-अमेरिका की वन-टू-वन बैठक की चर्चा

वहीं, ईरान के प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व की कमान ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को सौंपी गई है। ईरान का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचा है। मालूम हो कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ये अमेरिका और ईरान के बीच अब तक की सबसे उच्च-स्तरीय बातचीत मानी जा रही है। यदि दोनों देशों की वन टू वन बातचीत होती है तो यह 2015 के बाद पहली सीधे तौर पर बातचीत होगी। साल 2015 में दोनों देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता किया था। साल 2018 अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरान के परमाणु कार्यक्रम समझौता को रद्द कर दिया था। इसके बाद इसी साल ईरान के पुर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने दोनों देशों के अधिकारियों के बीच आगे किसी भी तरह की बातचीत पर रोक लगा दी थी।

Created On :   11 April 2026 5:49 PM IST

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