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क्या वैक्सिंग से स्किन जल सकती है? जानिए कपिल शर्मा की ऑनस्‍क्रीन बीवी की गुस्से में पोस्ट की गयी इन तस्वीरों से

August 28th, 2018 11:48 IST
क्या वैक्सिंग से स्किन जल सकती है? जानिए कपिल शर्मा की ऑनस्‍क्रीन बीवी की गुस्से में पोस्ट की गयी इन तस्वीरों से

डिजिटल डेस्क। कपिल शर्मा की ऑनस्‍क्रीन वाइफ रह चुकी सुमोना चक्रवर्ती ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वैक्सिंग से हुए साइड इफेक्ट्स की तस्वीरें पोस्ट की, और इसके साथ UrbanClap की इस खराब सर्विस के बारे में लंबा नोट भी लिखा। गुस्से से भरे पोस्ट के साथ सुमोना ने ये तस्वीरें शेयर की हैं, इन तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है, कि किस तरह वैक्सिंग से उनकी स्किन को नुकसान पहुंचा है. आप भी देखें सुमोना की ये दोनों तस्वीरें..

दरअसल सुमोना हॉलिडे पर जाने वाली थी, जिसके पहले UrbanClap से उन्होंने वैक्सिंग सर्विस की बुकिंग करवाई थी,  इन तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि वैक्सिंग बेहद खराब हुई है, और जिसकी वजह से उनकी स्किन जल गई है।

जानिए क्या लिखा सुमोना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर...

सुमोना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा है कि, वो अब UrbanClap से कोई सर्विस नहीं लेंगी।

उन्होंने आगे लिखा कि, "मैंने अपने रेगुलर सलून से अपाइंटमेंट न मिल पाने की वजह से, UrbanClap से वैक्सिंग सर्विस बुक की थी. लेकिन इनकी बेहद खराब सर्विस की वजह से से मेरी स्किन पर सूजन और रैशेज़ पड़ गए है। छुट्टियों पर जाकर बीच पर सूरज की धुप में टैनिंग का आनंद लेने की बजाय, मुझे सूरज से स्किन को बचाकर रखनी पड़ी और बार-बार एलोवेरा जेल लगाना पड़ा।"

उन्होंने सभी सोशल मीडिया influencers और Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने वाले सभी actors से ये अनुरोध भी किया है कि, चाहे free हो या paid हो, पोस्टिंग करने से पहले वे दो बार सोचें। उन्होंने लिखा कि, UrbanClap ने उन्हें Insta पर अपने ब्रांड के बारे में पोस्टिंग करने के लिए एप्रोच किया था। UrbanClap के पास बजट नहीं था (जो ठीक है) और सुमोना ने उनकी वेक्सिंग सर्विस ट्राई करने का फैसला लिया, और उसका परिणाम यह है।

वैक्सिंग के नुकसान

जब हेयर रिमूवल तकनीक में वैक्सिंग की बात आती है, तो इसके कई नुकसान देखे गए हैं।

  • पहले तो, वैक्सिंग आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है। सुमोना चक्रवर्ती की शेयर की गयी तस्वीरों में ये साफ़ देखा जा सकता है। खासकर बहुत ही छोटे tissue सेल्स पर वैक्सिंग का बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • दूसरा यह, कि ज़्यादातर वैक्स नेचुरल नहीं होते और उनमें बहुत अधिक मात्रा में केमिकल्स होते हैं। 
  • तीसरा यह की, वैक्सिंग बहुत पेनफुल तरीका है और कम असरदार भी है।

वैक्सिंग से होने वाले साइड इफ़ेक्ट और उनसे बचाव
जब आप खुद अपनी स्किन के लिए वैक्सिंग को चुनती हैं, तो इसका मतलब हुआ कि, आपने जानते हुए भी एक ऐसा तरीका चुना है जिसमे गरम वैक्स को आपकी स्किन पर लगाया जाता है। गर्म वैक्स न केवल आपकी त्वचा को जला और चोट पहुंचा सकता है, लेकिन ज्यादा हीट के परिणामस्वरूप आपके tissues में सूजन हो जाती है, जिससे बालों को हटाने में और मुश्किल आती है।

वैक्सिंग से होने वाले साइड इफ़ेक्ट और उनसे बचाव
हेयर रिमूवल के हर तरीके के कुछ साइड इफ़ेक्ट हैं, और वैक्सिंग के भी साइड इफेक्ट्स हैं। ये ज़रूरी है की आपको इस तरीके को यूज़ करने से पहले इसके साइड इफेक्ट्स की जानकारी हो।
वैक्स के कई साइड इफेक्ट्स हैं, जैसे की, स्किन पर जलन, रेडनेस, रेशेस, इन्फेक्शन, अलर्जी, आदि। इनसे बचने के लिए कुछ बातों को ध्यान रखें....

> एक रेपुटेड सैलून में ही वैक्सिंग करवाएं।
> अपनी स्किन पर वैक्स को अप्लाई करने के पहले, वैक्स के टेम्परेचर को जाँच लें।
> वैक्सिंग के बाद गीला व ठंडा तौलिया या बर्फ लगाएं।
> वैक्सिंग के बाद हल्के वस्त्र पहनें
> यदि आपको Diabetes है तो वैक्सिंग से बचें
> धुप में जाना कुछ समय अवॉयड करें


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।