दैनिक भास्कर हिंदी: पीरियड्स के वक्त स्किन में आते हैं बदलाव तो अपनाएं ये टिप्स

September 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अब वो समय नहीं रहा जब चेहरे पर सिर्फ टीनएज में पिंपल्स हुआ करते थे। अब तो आप हर उम्र की महिलाओं में ये समस्या देख सकते हैं। इसका एक कारण होता है कि हर महिला को कभी न कभी हॉर्मोन संबंधी समस्या से जूझना पड़ता है। इसकी वजह से कई बार उन्हें चेहरे पर दाने और दाग-धब्बे भी हो जाते हैं। हॉर्मोन संबंधी समस्याओं से लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर निपटाया जा सकता है। खानपान में कुछ चीजों को शामिल करने या हटाने से भी इस मामले में राहत मिलती है।आईए जानते हैं हार्मोनल इम्बेलेंस से आप कैसे निपट सकते हैं।

टीनएज में मुंहासे चेहरे की रंगत बिगाड़ देते हैं। ये प्रोपियोनीबैक्टीरियम नामक के बैक्टीरिया के कारण होते हैं। इसका कारण पोषण में कमी के अलावा एंड्रोजन हॉर्मोन की अधिकता भी होता है। बेलिंडा का कहना है कि जिन महिलाओं में एंड्रोजेन हॉर्मोन अधिक होता है उनकी त्वचा तैलीय होती है। हॉर्मोन की वजह से होने वाले मुंहासे अक्सर माहवारी के आसपास होते हैं और ये चेहरे पर होठों के और गले के आसपास होते हैं। इनके उपचार के लिए डॉक्टर ऑस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन वाली गर्भनिरोधक गोलियां देते हैं, जिससे शरीर में एंड्रोजेन हॉर्मोन का स्तर सामान्य हो जाता है। 

 

प्राकृतिक तरीके से ऐसे सुधारें त्वचा

- दुग्ध उत्पादों का सेवन कम करें

- नारियल का दूध या शुद्ध बादाम वाले उत्पाद विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें।

- अतिरिक्त शुगर वाले उत्पादों से बचें, खाने में हल्दी का प्रयोग जरूर करें

- पाचन तंत्र दुरुस्त रखें, हो सके तो नाश्ते से पहले प्रोबायोटिक सप्लिमेंट लें

 

 

अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के आस-पास चॉकलेट या मीठा खाने का मन होता है,लेकिन इस तथ्य में कितनी सच्चाई है ये कहना जरा मुश्किल है। क्योंकि इस पर कई शोध किए गए। कई बार बहस की गई, लेकिन उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। हालांकि ये सच है कि पीरियड्स के आस-पास महिलाओं के चेहरे पर पिंपल्स या दाने जरूर निकल आते हैं। ऐसे में इस दौरान अपनी स्किन का खास ख्याल रखना चाहिए। 

- प्रोटीन की खुराक बढ़ाएं।

- इस दौरान ब्लड शुगर का स्तर स्थिर नहीं रहता है ।

- शक्कर से दूरी बनाना बेहतर होगा ।

- खानपान में प्रोटीनयुक्त आहार शामिल करें।

- हरी सब्जियों का सेवन करें और पानी खूब पिएं।

- अंजीर, दालें और मछली से मैग्नीशियम का स्तर बढ़ाया जा सकता है।