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ई-सिगरेट पीने से पड़ सकता है दिल का दौरा

September 06th, 2018 09:27 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज के माहौल में सिगरेट पीना काफी आम बात है। सिगरेट सेहत के लिए अच्छी नहीं होती ये बात जानते हुए भी लोग इसका नशा करते हैं। सिर्फ व्यस्क ही नहीं बल्कि नाबालिग भी सिगरेट के नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। दुनिया में सबसे पहले सिगरेट पीने की शुरुआत 9वीं शताब्दी में मेक्सिको और सेंट्रल अमेरिका से हुई थी। दुनिया बदलती रही और सिगरेट पीने का चलन बढ़ता रहा। सिगरेट के स्वाद और फ्लेवर में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिले। आजकल बाजार में कई तरह की सिगरेट बेची जा रही हैं। इन्ही में से एक है ई-सिगरेट जो स्मोकिंग करने वालों को काफी पसंद आ रही है, लेकिन काफी कम लोग इस बात से वाकिफ है कि ई-सिगरेट नॉर्मल सिगरेट से कई ज्यादा नुकसान करती है।

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से दिल को पहुंचता है नुकसान

एक नए अध्ययन से पता चला है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में इस्तेमाल किए गए फ्लेवर्ड एडिटिव्स हमारे शरीर की रक्त वाहिका के काम करने की क्षमता को कम करता है। इसी वजह से इसका सेवन करने वालों को दिल से जुड़ी समस्याएं होने की संभावनाएं ज्यादा हो जाती हैं।

क्या होती है ई-सिगरेट?

ई-सिगरेट बैटरी संचालित एक डिवाइस है जिसमें लिक्विड मौजूद होता है। इस लिक्विड में तंबाकू से उत्पन्न निकोटीन और फ्लेवर्ड एडिटिव्स शामिल होते हैं। इसे हीट करने पर ऐरोसॉल उत्पन्न होता है जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है।

कई सारे फ्लेवर्स में उपलब्ध है ई-सिगरेट 

ई-सिगरेट कई सारे फ्लेवर में मिलती है, जैसे- मेन्थॉल (मिन्ट), एसिटाइलपाइरडाईन (बर्न्ट फ्लेवर), वैनिलीन (वनिला), सिनामेल्डीहाइड (दालचीनी), यूजीनॉल (लौंग), डायसिटाइल (मक्खन), डिमेथाइलपाइरजाइन (स्ट्रॉबेरी), आइसोमाइलएसीटेट (केला) और युसलिप्टेल (स्पाइसी कूलिंग)।

शरीर में रक्त के संचार को रोकती है ई-सिगरेट

अध्ययन के अनुसार ये भी पता चला है कि ई-सिगरेट पीने की वजह से एंडोथेलियल सेल्स पर प्रभाव पड़ता है जो रक्त वाहिकाओं और दिल के अंदर पाई जाती है। इतना ही नहीं मेन्थॉल, लौंग, वैनिलीन, दालचीनी और बर्न्ट फ्लेवर आपकी बॉडी में ब्लड फ्लो को रोकता है जिसकी वजह से आपको दिल की बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।