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कोरोना से बढ़ी मुसीबत में मददगार बना अनाज बैंक

June 15th, 2020 18:01 IST
 कोरोना से बढ़ी मुसीबत में मददगार बना अनाज बैंक

हाईलाइट

  • कोरोना से बढ़ी मुसीबत में मददगार बना अनाज बैंक

छिंदवाड़ा, 15 जून (आईएएनएस)। कोरोना महामारी के कारण उपजी समस्या से एक बड़े वर्ग की रोजी-रोटी संकट में पड़ गई। इन जरूरतमंदों की मदद के लिए हर तरफ से हाथ आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रिधौरा गांव में सक्षम लोगों ने अनाज बैंक बनाकर जरूरतमंदों के लिए सार्थक पहल की है, ताकि यहां कोई भी भूखा न रहे।

कोरोना महामारी के कारण बड़ी संख्या में मजदूर अपने गांव को लौटे हैं, तो दूसरी ओर सारे काम काज बंद पड़े हैं। इससे हर दिन कमाने और खाने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया। इस स्थिति से निपटने के लिए परासिया विकासखंड के रिधौरा गांव में अनाज बैंक बनाया गया, ताकि जरूरतमंद को आसानी से खाद्यान्न मिल सके।

गांव के लोगों को मुसीबत से कैसे दूर रखा जाए, इसके लिए रिधौरा के पटवारी राजेश चौरसिया ने अपने पटवारी हल्के में आने वाले गांवों के संपन्न किसानों से आपस में अनाज इकट्ठा करने पर चर्चा की, ताकि लॉकडाउन के दौरान बाहर से आ रहे मजदूर और क्षेत्र में निवासरत दिहाड़ी मजदूरों की दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो सके। पटवारी चौरसिया का सुझाव सबको अच्छा लगा तो एक अनाज बैंक बनाया गया और देखते ही देखते 23 क्विंटल से ज्यादा गेहूं जमा हो गया।

पटवारी राजेश चौरसिया बताते हैं कि क्षेत्र के समृद्ध किसानों के जरिए किसी से एक क्विंटल, किसी से 50 किलो अनाज इकटठा कर अनाज बैंक बनाया गया। यह अनाज बैंक जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रहा है, क्योंकि अनाज के पैकेट बनाकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए गए हैं।

अनाज की कमी के कारण पेट भरने में की समस्या हो गई थी, बच्चे छोटे हैं। गांव में कई परिवार हैं जो समस्याग्रस्त थे। ऐसे में अनाज की मदद मिली, जिससे बड़ी राहत हुई है।

इस अनाज बैंक की पहल की कलेक्टर सौरभ सुमन भी सराहना करते हैं और कहते हैं कि रिधौरा गांव में किसानों ने जन सहयोग से अनाज बैंक की स्थापना की है। इस अनाज बैंक से जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। इस अनाज बैंक में अभी भी अनाज है। जिन भी लोगों को मदद की जरूरत होगी, उन्हें सहयोग किया जाएगा।

कोरोना के काल में जरूरतमंदों की मदद के लिए बढ़े हाथों ने मानवता की सेवा का संदेष दिया है। यह अनाज बैंक जहां मुसीबत के वक्त जरूरतमंदों का सहारा बना है, वहीं दूसरे इलाकों के लिए एक मिसाल भी बना है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।