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मानसून में लीची खाना बन सकता है परेशानी का सबब

September 06th, 2018 09:53 IST

डिजिटल डेस्क । लीची काफी स्वादिष्ट होती है बच्चों से लेकर बड़ों सभी को पसंद होती है। ये रसीला फल वैसे तो गर्मियों का है, लेकिन बारिश के मौसम तक बाजार में मिलता है। क्या आपको पता है कि बारिश में इसे खाना कितना भारी पड़ सकता है। इस मौसम में लीची खाना काफी नुकसानदायक माना जाता है क्योंकि इससे 'लीची सिंड्रोम' होने खतरा रहता है। साथा ही इसे खाने से कई तरह के संक्रमण, तेज बुखार और दस्त भी हो सकते हैं। अक्सर बारिश के मौसम में ही लीची सिंड्रोम के केसेस आते हैं। आइए जानते है इसके बारे में...

क्या है लीची सिंड्रोम? 

लीची सिंड्रोम एक टाइप का वायरल संक्रमण है जो कच्ची और आधी पकी लीची खाने से हो सकता है। इस संक्रमण में मरीज को तेज बुखार उल्टियां तेज सरदर्द चक्कर और पेट में दर्द जैसे लक्षण होते हैं। 

खाने से पहले ध्यान दें 

आजकल बाजार में कच्चे फलों में अन्य केमिकल्स मिला कर या अप्राकृतिक रूप से पकाया जा रहा है। इससे इन फलों की नेचुरल ग्रोथ पर काफी असर पड़ता है कर उसके अंदर मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। लीची का सीजन दो ढाई महीने का ही रहता है इसलिए कुछ लोग उसे काफी समय तक ताजा रखने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसी लीची का सेवन करना काफी नुकसानदायक हो सकता है। 

बरसात में लीची खाने से बचें 

गर्मियों के फलों को बरसात के मौसम में खाने से बचना चाहिए। बरसात के दौरान लीची में से कीड़े निकलने लगते है। लीची का मौसम अप्रैल के आखिर से जून तक या जुलाई के पहले हफ्ते तक का होता है, लेकिन बारिश के कारण लीची में कीड़े लग जाते हैं इसलिए इसे बारिश के मौसम के पहले खाना ही आपकी सेहत के लिए अच्छा है। 

डायबिटीज के पेशेंट लीची से करें परहेज 

लीची में भरपूर मात्रा में पानी और विटामिन सी होने से यह गर्मियों के मौसम में इसे खाना फायदेमंद होता है। लेकिन इसमें शुगर भी बहुत मात्रा में होती है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसके सेवन से परहेज करना चाहिए। 

कभी भी खाली पेट न खायें 

लीची को कभी भी खली पेट नहीं खाना चाहिए। इसमें एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (acute encephalitis syndrome) या AES फैलाने वाला वायरस पाया जाता है और मस्तिष्क में सूजन कर सकता है। इसलिए इसे मत्वपूर्ण रूप से खली पेट नहीं खाना चाहिए। इससे पेट दर्द भी हो सकता है। अप्राकृतिक तरीके से पकी लीची से तेज बुखार, उल्टियां, पेट दर्द, सर दर्द, चक्कर भी हो सकते है।  

पोषक तत्व 

लीची पोषक तत्वों से भरा हुआ फल है इसमें सबसे अधिक मात्रा में पानी और विटामिन सी का स्रोत है। गर्मियों में इसे खाना से पानी का संतुलन और तुरंत ऊर्जा के लिए लीची  फायदेमंद है। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।