केराटिन ट्रीटमेंट: केराटिन ट्रीटमेंट करवाने से पहले जरुर जान ले इसके सारे फायदे और नुकसान 

October 18th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लंबे बाल दिखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, इनकी देखभाल उतनी ही मुश्किल जरूरी है। ऐसे में बालों की केयर के लिए  कई सारी थेरेपी और ट्रीटमेंट यूज किए जाते हैं। लेकिन इन दिनों केराटिन ट्रीटमेंट काफी ट्रेंड में है। यह प्रदूषण व अन्य कारणों से प्रभावित रुखे, डेमेज बालों को यह ट्रीटमेंट ठीक करता है। सबसे खास बात यह है कि ये किसी केमिकल को प्रमोट नहीं करते हुए जड़ों मे प्रोटीन पहुंचाता है।

हालांकि केराटिन ट्रीटमेंट के एक तरफ जहां कई फायदे हैं तो दूसरी तरफ कई नुकसान भी हैं। इसलिए यदि आप अपने बालों के केयर के लिए इस ट्रीटमेंट को लेने जा रही हैं, तो इसके बारे में आपको पता होना जरूरी है।

4 से 5 माह तक रहता है असर
बता दें कि, केराटिन ट्रीटमेंट बालों को वापस उनका प्रोटीन देने के लिए किया जाता है। चूंकि महिलाओं के बाल पुरुषों की अपेक्षा काफी लंबे होते हैं, इसलिए उन्हें प्रोटीन की आवश्यकता अधिक होती है और ऐसे में केराटिन ट्रीटमेंट का लाभ महिलाएं ज्यादा उठाती हैं। इस ट्रीटमेंट का असर करीब 4 से 5 माह तक रहता है। 

क्या हैं इसके फायदे- 
इस ट्रीटमेंट के बाद बालों की चमक देखने लायक होती है। केराटिन ट्रीटमेंट बालों को सिल्की और ग्लॉसी लुक देता है। केराटिन ट्रीटमेंट के बाद बालों को मेनेज करना काफी आसान हो जाता है। इससे रुखे बालों में चमक और स्मूथनेस दोनों आ जाती है। इस ट्रीटमेंट की एक और खासियत है, इससे आपके बालों में तरह-तरह की हेयरस्टाईल बनाना आसान हो जाता है। अगर आप अक्सर अपने उलझे बालों से परेशान होते हैं तो यह ट्रीटमेंट आपको कुछ समय के लिए इससे छुटकारा देगा। यह ट्रीटमेंट बालों को सूरज की हानिकारक किरणों से तथा प्रदूषण से भी बचाता है। 

क्या हैं इसके नुकसान
केराटिन ट्रीटमेंट के बाद बालों के ऑयली होने के चांसेस बढ़ जाते हैं साथ ही कुछ समय तक आप अपने मन मुताबित हेयर प्रोडेक्ट यूस नहीं कर सकते। केराटिन ट्रीटमेंट से बालों का बाउंस गायब हो जाता है और कुछ महीनों तक इनकी वॉल्यूम भी नहीं दिखती। ट्रीटमेंट के कुछ दिनों तक आप बालों को धो भी नहीं सकेंगे। अगर आप अपनी मन मर्जी का शैम्पू या कंडिशनर यूज करते हैं तो कुछ समय तक आपको इस पर रोक लगानी होगी। इस ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद 4 से 5 महीनों में इसका असर खत्म हो जाता है।