ATF Prices Rise: महंगी होगी हवाई उड़ान! प्लेन का फ्यूल महंगा होने का डर, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन्स ने लिखा उड्डयन मंत्रालय को पत्र

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच भारी तनाव के चलते दुनियाभर में इसका असर देखने को मिला है। तेल के प्राइस कई जगहों पर बढ़ गए हैं। इसी बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अर्जेंट पत्र लिखा है। इस पत्र में एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट की तरफ से सरकार से तत्काल मदद की अपील की गई है। एयरलाइंस ने कहा है कि अगर एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतें कम नहीं हुई तो फ्लाइट्स रद्द करने की भी नौबत आ सकती है।
पत्र में क्या है?
पत्र में लिखा गया है कि वेस्ट एशिया वॉर के कारण ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 118 डॉलर तक पहुंच गया है। इसका साफ असर एटीएफ की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। एटीएफ पहले 87 डॉलर प्रति बैरल था लेकिन अब ये बढ़कर 260 डॉलर के पार चला गया है। इसके अलावा, क्रूड और एटीएफ के बीच का क्रैक स्प्रेड भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पहले ये 11 से 18 डॉलर प्रति बैरल था लेकिन अब ये 132 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। एफआईए ने ये भी कहा है कि ये तेल कंपनियों का सीधे प्रॉफिट है, इसको बिल्कुल भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स को घाटा झेलना पड़ रहा है।
एटीएफ की कितनी है लागत?
जानकारी के मुताबिक, एयरलाइंस की कुल लागत का 30 से 40 प्रतिशत एटीएफ होता है और अब इसकी कीमत 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं, रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर है, जिसके चलते एयरलाइंस को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एफआईए की सरकार से मांग
एफआईए की तरफ से सरकार के सामने तीन मांगे रखी गई हैं। जिसमें पहली मांग ये है कि अक्टूबर 2022 में तय हुए क्रैक बैंड मैकेनिज्म को बहाल कर दिया जाए। ये व्यवस्था दिसंबर 2024 में बंद कर दी गई थी। इसके तहत क्रूड और एटीएफ के बीच के अंदर को एक तय सीमा में रखने में मदद मिलती थी।
वहीं, दूसरी मांग ये है कि घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ पर लगने वाली 11 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी को टेंप्रेरिली हटाया या स्थगित किया जाए। और तीसरी मांग है, प्रमुख राज्यों में वैल्यू ऐडेड टैक्स यानी VAT कम किया जाए। दिल्ली में एटीएफ पर 25 प्रतिशत वैट है, तमिलनाडु में 29 प्रतिशत है। ऐसे ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में 16 से 20 प्रतिशत के बीच है। और ये 6 शहर ही देश के 50 प्रतिशत से भी ज्यादा एयरलाइन ऑपरेशन को कवर करते हैं।
Created On :   28 April 2026 5:36 PM IST












