DUSU Election: DUSU चुनाव में ABVP को मिली जीत, राजीव शुक्ला ने दी प्रतिक्रिया, कहा- 'अगर एक साथ लड़े होते तो...'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के रिजलट्स सामने आए हैं। उसके बाद ही राजनीति में भी चर्चा शुरू हो गई है। एबीवीपी ने चार में से तीन बड़े पदों पर जीत हासिल की है। वहीं, उपाध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन सीखे हैं। एनएसयूआई इस बार कोई भी बड़ा पद नहीं जीत पाई है। चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि अगर विपक्ष से संबंधित छात्र संगठन अलग-अलग चुनाव लड़ने की जगह साथ आते, तो नतीजा कुछ अलग ही हो सकता है। उनके इस बयान के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
ABVP ने जीते तीन पद
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में ABVP के यश डबास अध्यक्ष बने, रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद जीता है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की है। इस चुनाव में 40.46 प्रतिशत छात्रों ने वोट डाला है और इस बार खास बात यह रही कि NSUI 2015 के बाद पहली बार चारों बड़े पदों में से एक भी पद नहीं जीत सकी है।
यह भी पढ़े -'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी पर सीएम मोहन यादव का पलटवार, शिक्षा और रोजगार के आंकड़े रखे सामने
राजीव शुक्ला ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने 20 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनाव को लेकर पोस्ट किया है । उन्होंने कहा कि विपक्ष से जुड़े लोगों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है। उनके अनुसार, अगर सभी एक साथ चुनाव लड़ते तो इंडिया गठबंधन की जीत बड़े अंतर से हो सकती थी। उनके बयान का मतलब था कि अलग-अलग उम्मीदवारों के कारण वोट बंट गए और इसका फायदा ABVP को मिला है।
यह भी पढ़े -एशियन गेम्स जापान में 'संडे ऑन साइकिल' का आयोजन, मांडविया ने एथलीटों के समर्थन के लिए प्रवासी समुदाय की सराहना की
क्यों अहम है दिल्ली यूनिवर्सिटी का चुनाव?
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव को छात्र राजनीति में काफी अहम माना जाता है। यहां होने वाले चुनावों पर राजनीतिक दलों की भी नजर रहती है। इस बार चुनाव से पहले छात्रों के बीच हॉस्टल, पीजी और सुरक्षा जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं। वहीं, राजीव शुक्ला के बारे में जानें तो वह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं। वह क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े रहे हैं और BCCI में उपाध्यक्ष पद पर भी रहे हैं।
Created On :   20 Sept 2026 12:24 PM IST












