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तेल की कीमतों पर खामोश केंद्र सरकार, राजस्थान के बाद आंध्र सरकार ने वैट घटाकर दी राहत

September 11th, 2018 12:40 IST

हाईलाइट

  • पेट्रोल-डीजल पर आंध्र सरकार ने वैट घटाकर दी राहत
  • मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी कम हो सकता है वैट
  • राजस्थान सरकार ने वैट में चार फीसदी की कटौती की

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। देशभर में सोमवार को भारत बंद के दौरान पेट्रोल-डीजल की रोजाना बढ़ रही कीमतों का विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया। केंद्र सरकार की तरफ से कोई भी राहत न मिलने के बाद अब राज्य सरकारें वैट कम कर जनता को राहत देने की कोशिश कर रही है, सबसे पहले राजस्थान सरकार ने रविवार को  वैट में चार फीसदी की कटौती की, जिसके चलते राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम ढाई रुपये प्रति लीटर तक कम हुए थे। राजस्थान सरकार के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी वैट को लगभग आधा कर प्रदेश की जनता को बड़ी राहत दी है। 

आंध्र में 2 रुपए कम हुआ वैट, MP में राहत के आसार नहीं
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को जनता को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट की दरों को कम करने की घोषणा की। आंध्र प्रदेश सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। आंध्र सरकार अबतक 4 रुपए प्रति लीटर वैट के रूप में लिया करती थी। सरकार को इस फैसले के कारण राजस्व में लगभग 1120 करोड़ रुपए का घाटा होगा। आने वाले समय में महाराष्ट्र में भी वैट में कमी की जा सकती है। हालांकि मध्य प्रदेश में वित्त मंत्री जयंत मलैया ने फिलहाल वैट में किसी भी तरह की कटौती से इनकार किया है।

नायडू के निशाने पर केंद्र सरकार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के पूर्व सहयोगी एन चंद्रबाबू नायडू ने तेल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर पीएम मोदी को जमकर आलोचना की थी। नायडू ने कहा था कि जल्द ही देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर होगी। हाल ही में मीडिया से चर्चा के दौरान नायडू ने यह भी कहा था कि नोटबंदी के कारण देश की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और प्रगति रुक गई है, नायडू ने कहा कि अगर आने वाले समय में एक डॉलर की कीमत 100 रुपए के बराबर होगी और 1 डॉलर देकर एक लीटर पेट्रोल खरीदना पड़े तो यह आश्चर्य वाली बात नहीं होगी।

सोमवार को भारत बंद कर जताया विरोध
गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के विरोध में  कांग्रेस ने सोमवार भारत बंद का आह्वान किया था। इसे तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर 21 दलों ने अपना समर्थन दिया। भारत बंद के दौरान जगह-जगह पर प्रदर्शन किया गया। दिल्ली में रामलीला मैदान के पास धरने में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम भाषण देते रहते हैं, लेकिन वे सुनते सिर्फ उद्योगपतियों की हैं। भारत बंद में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापस दिल्ली पहुंचे थे। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।