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अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, हिजबुल मुजाहिदीन ने दिया सुरक्षा का आश्वासन

September 05th, 2018 17:22 IST
अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, हिजबुल मुजाहिदीन ने दिया सुरक्षा का आश्वासन

हाईलाइट

  • अमरनाथ की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था आधार शिविर से रवाना हो गया है।
  • अमरनाथ के लिए रवाना होने वाले हर जत्थे को थ्री लेयर सिक्‍योरिटी दी जा रही है।
  • आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने एक ऑडियो जारी कर यात्रियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों के बीच बाबा अमरनाथ की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था बुधवार सुबह जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हो गया है। यात्रा के पहले जत्थे को जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम, जम्मू-कश्मीर राज्यपाल के सलाहकारों विजय कुमार और बीबी व्यास ने हरी झंडी दिखाकर जम्मू बेस कैंप से रवाना किया। अमरनाथ के लिए रवाना होने वाले हर जत्थे को थ्री लेयर सिक्‍योरिटी दी जा रही है। अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने एक ऑडियो जारी कर यात्रियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। 

अमरनाथ की पहली यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने कहा कि इस यात्रा को लेकर सभी स्तर पर तैयारियां की गई है। बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इस यात्रा में आर्मी, पुलिस, स्पेशल फोर्स और एनएसजी के कमाडों को तैनात किया गया है। जनता के सहयोग से, सभी सुरक्षा एजेंसियों और विकास एजेंसियों के साथ हमने एक सुरक्षा को लेकर योजना बनाई है। यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को परेशानी का सामना न करना पड़े इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। 

बता दें कि पहले जत्थे के साथ रवाना हुए यात्री कश्मीर के गांदेरबाल स्थित बालटाल और अनंतनाग स्थित नुनवान, पहलगाम आधार शिविर पहुंचेंगे। जिसके बाद ये तीर्थयात्री अगले दिन पैदल ही 3880 मीटर की ऊंचाई पर बाबा अमरनाथ की गुफा के लिए रवाना होंगे। 

अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर जम्मू सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी ने बताया कि सभी तरह की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है। हम नई तकनीक और गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, पिछले साल की तुलना में इस बार इस काम में लोगों को भी बढ़ाया गया है।

अमरनाथ यात्रियों पर हमला नहीं करना चाहता हिजबुल मुजाहिदीन
हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज  नाइकू ने ऐलान किया है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं पर हमला करना हमारा मकसद नहीं है। अपने ऑडियो टेप में हिजबुल कमांडर ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपनी परंपराएं पूरी करने आते हैं, वह हमारे मेहमान हैं। जम्मू-कश्मीर में सेना के अभियान ऑपरेशन ऑल आऊट पर टिप्पणी करते हुए कहा अगर सेना का ऑपरेशन ऑल आऊट सफल था तो घाटी में एनएसजी कमांडो लाने का क्या मकसद है।

अमरनाथ यात्रा के लिए कुछ ऐसी है सुरक्षा व्यवस्था 

  • यात्रियों के सुरक्षा के लिए तैनात गए  60 हजार जवान ।
  • गृह मंत्रालय ने J&K पुलिस के साथ मिलकर करीब 60 हजार से अधिक जवानों की तैनाती यात्रा मार्ग में की है।
  • हर पांच श्रद्धालु की सुरक्षा में एक जवान की तैनाती की गई है।
  • अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ड्रोन कैमरों नजर रखी जा रही है।
  • सुरक्षाबलों ने जम्‍मू से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं के हर जत्‍थे के साथ करीब 15 बटालियन फोर्स और 90 ड्रोन कैमरे तैनात किए है। 
  • अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को तकनीक पर आधारित किया गया है।
  • यात्रा के दौरान सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डि‍टेक्‍टर, हैंड हेल्‍ड मेटल डिटेक्‍टर, एक्‍स-रे, बंकर, के साथ रेडियो फ्रिक्‍वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्‍नोलॉजी (RFID) टैग और व्हीकल ट्रैकिंग चिप जैसे कई हाईटेक इक्‍यूपमेंट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। 
  • अमरनाथ यात्रा के लिए जम्‍मू और श्रीनगर से रवाना होने वाले हर जत्‍थे में श्रद्धालुओं की संख्‍या के आधार पर 10 से 15 बटालियन फोर्स को तैनात किया जाएगा।
  • हर बटालियन को 5 से 6 ड्रोन कैमरे दिए गए हैं। इस तरह एक जत्‍थे के साथ करीब 50 से 90 ड्रोन कैमरे उपलब्‍ध होंगे।  
  • अमरनाथ यात्रा की थ्री लेयर सिक्‍योरिटी तैयार की गई है।
  • पहले लेयर में सेना के कमांडो को तैनात किया गया है। 
  • सेना के कमांडो की जिम्‍मेदारी होगी कि जंगल की तरफ से आने वाले आतंकियों को यात्रा मार्ग की तरफ जाने से रोके और उन्‍हें जंगल के भीतर ही खत्‍म कर दें।
  • दूसरे लेयर पर J&K पुलिस के जवान होंगे। 
  • तीसरा लेयर और सबसे आंतरिक लेयर सेंट्रल आर्म्‍ड पुलिस फोर्स (CAPF) के कमांडोज के जिम्‍मे होगा। जिसमें CRPF के कमांडोज भूमिका अग्रणी होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए CRPF और J&K पुलिस के साथ BSF, ITBP की 28 कंपनी, CISF की 8 कंपनियों को तैनात किया गया है। 
  • गोपनीय रूप से सुरक्षा को देखते हुए मोदी सरकार ने एनएसजी के कमाडों को भी जम्मू-कश्मीर में बुलाया है। 
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।