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कांग्रेस नेता भुवनेश्वर कलिता बीजेपी में शामिल, 370 पर पार्टी के रुख से थे नाराज

कांग्रेस नेता भुवनेश्वर कलिता बीजेपी में शामिल, 370 पर पार्टी के रुख से थे नाराज

हाईलाइट

  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भुवनेश्वर कलिता बीजेपी में शामिल हो गए
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली
  • आर्टिकल 370 पर पार्टी के रुख से वह नाराज थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य भुवनेश्वर कलिता बीजेपी में शामिल हो गए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। नरेन्द्र मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसला पर वह अपनी पार्टी (कांग्रेस) के रुख से नाराज थे और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वह राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप थे। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल, 2020 तक था।

पीयूष गोयल ने कहा, 'भुवनेश्वर कलिता बहुत सरल और हंसमुख स्वभाव के हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में उनका योगदान बहुत अहम है। भारत की एकता और अखंडता के लिए एक सैधांतिक मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस का वर्षों पुराना साथ छोड़ा, ये हिम्मत की बात है। हमने जब कलिता जी से आग्रह किया कि वो हमारे साथ जुड़कर आगे भी राजनीति में अपना योगदान दें, तो उन्होंने हमारे आग्रह को स्वीकार किया। हम उनका तहे दिल से पार्टी में स्वागत करते हैं। हमें आशा है उनके अनुभव से उत्तर पूर्व, असम और राष्ट्रीय राजनीति को लाभ मिलेगा।'

राज्यसभा से इस्तीफा देने से पहले कलिता ने एक पत्र में कहा था 'कांग्रेस ने मुझे जम्मू-कश्मीर मुद्दे के बारे में व्हिप जारी करने को कहा है, जबकि सच्चाई ये है कि देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ये व्हिप देश की जनभावना के खिलाफ है।' उन्होंने कहा था 'पंडित नेहरू ने खुद कहा था कि आर्टिकल 370 एक दिन घिसते-घिसते पूरी तरह घिस जाएगा। आज कांग्रेस की विचारधारा से लगता है कि कांग्रेस आत्महत्या कर रही है और मैं इसमें कांग्रेस का भागीदार नहीं बनना चाहता हूं।'

बता दें कि 68 वर्षीय कलिता ने 1972 में कांग्रेस जॉइन की और 1984 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे। दूसरी बार 1990 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए। 1998 में गुवाहाटी से चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2001 में असम की रंगिया विधानसभा सीट से चुनाव जीते। 2002 से 2004 तक असम सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2004 में असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने और 2014 तक इस पद पर रहे।

2008 में वे तीसरी बार और 2014 में चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल 2020 में खत्म होना था। कलिता को कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मंगलदोई सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन वह बीजेपी के दिलीप सैकिया से 1 लाख 38 हजार वोटों के अंतर से हार गए।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।