comScore

वनटंगिया परिवार को मुख्यमंत्री योगी ने दिया दिवाली का तोहफा

October 28th, 2019 12:30 IST
 वनटंगिया परिवार को मुख्यमंत्री योगी ने दिया दिवाली का तोहफा

हाईलाइट

  • वनटंगिया परिवार को मुख्यमंत्री योगी ने दिया दिवाली का तोहफा

गोरखपुर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया परिवारों को 1.32 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके दीपावली का तोहफा दिया है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिठाइयां, फुलझड़ियां बांटकर उनके उज्‍जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद भी दिया।

इस दौरान योगी ने कहा कि आजादी के बाद वनटांगिया परिवार के लिए वास्तविक दीपावली अब आई है। दो वर्ष पहले वनटांगिया गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज थे, मगर आज आवास, शौचालय, सड़क, विद्यालय आदि जैसी सभी सुविधाएं वनटांगियों को प्राप्त हैं।

योगी ने कहा कि जाति के नाम पर बांटने वालों ने इन परिवारों की कभी कोई सुध नहीं ली। इन परिवारों को अपना अधिकार 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रदेश के 38 ऐसे गांवों को राजस्व ग्राम घोषित करके वहां सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे आवास, शौचालय, स्कूल, शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, पेंशन आदि की समस्त सुविधाएं पहुंचाई गयी हैं। योगी ने कहा राम राज्य की अवधारणा पर काम करेंगे और प्रदेश में राम राज्य लाएंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल आयोध्या में भव्य दीपोत्सव का कार्यक्रम संपन्न हुआ। त्योहारों ने सदैव मानवता का मार्ग प्रशस्त किया है। त्योहार सामूहिकता के साथ राष्ट्रीयता के प्रतीक हैं मगर पिछली सरकारों के लिए पर्व और त्योहार संकट और शोक के माध्यम बन जाते थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय में वन विभाग और पुलिस विभाग ने जमकर वनटांगियों का शोषण किया है। मगर आज हमारी सरकार में उन्हें उनके सारे हक और अधिकार दिए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने वनटांगियों की समस्या को सड़क से लेकर संसद तक उठाया था। उनके बच्चों को शिक्षा की रोशनी देने के लिए वनटांगिया बस्ती तिनकोनिया में योगी ने अपने निजी संसाधनों से विद्यालय की स्थापना की थी। जो आज भी चल रहा है, इसके चलते वन विभाग द्वारा उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई थी मगर योगी यहां नहीं रुके वो इन लोगों की आवाज बने और मुख्यमंत्री बनते ही उन्हें उनका हक दिलवाया।

इस कार्यक्रम के तहत गोरखपुर छावनी से रेलवे लाइन रजही तक 4.75 मीटर खडंजा सड़क मार्ग व तिनकोनिया नंबर-3 में 300 मीटर आंतरिक संपर्क मार्ग पर इंटर लॉकिंग का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा वनटांगिया गांव चिलबिलवा में आंगनबाड़ी केंद्र भवन के निर्माण कार्य, आमबाग और जंगल तिनकोनिया नंबर-3 में प्राथमिक विद्यालय के लिए टीन शेड निर्माण कार्य का लोकार्पण व तिनकोनिया नंबर-2 में 600 मीटर खड़ंजा सड़क का शिलान्यास किया गया।

कमेंट करें
3RXMC
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।