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MP-UP पुलिस की नाक में दम करने वाला डकैत बबुली ढेर, 6 लाख का था इनाम

MP-UP पुलिस की नाक में दम करने वाला डकैत बबुली ढेर, 6 लाख का था इनाम

हाईलाइट

  • चित्रकूट में कुख्यात डकैत बबुली कोल और उसका साथी लवलेश एनकाउंटर में मारा गया

डिजिटल डेस्क, सतना। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका 6 लाख रुपए का इनामी डकैत बबुली कोल और उसका एक साथी लवलेश एनकाउंटर में मारा गया। दोनों ही डकैतों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल लाया गया है। बबुली कोल ने हाल ही में मध्यप्रदेश के हरसेड गांव से अवधेश नाम के एक किसान का अपहरण किया था। डकैत ने फिरौती की रकम भी वसूली थी। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने इसकी पुष्टि की है।

इन दोनों के खात्मे के साथ ही सतना और विंध्य में डकैतों का सफाया हो गया है। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखऱ, डीआईजी अविनाश शर्मा और एसपी रियाज इकबाल खुद पिछले कई दिनों से सतना में कैंप किए हुए थे। सोमवार को पुलिस ने इन दोनों के मारे जाने की पुष्टि की। बबुली कोल पर 6 लाख का नाम था जबकि लवलेश पर एक लाख 80 हजार का इनाम था। बबुली कोल और लवलेश के एनकाउंटर पर रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने बताया कि, दोनों डकैत पुलिस की फायरिंग में ही मारे गए हैं। मुठभेड़ रविवार रात 8 बजे से शुरू हुई और तड़के 4 बजे तक जारी रही। पुलिस की तरफ से 35 राउंड फायर किए गए, जबकि डकैतों ने 15 राउंड फायरिंग की। सुबह के उजाले में बबुली और उसके साथी लवलेश के शव बरामद किए गए।

डकैत इसमें कुख्यात बबली कोल उत्तरप्रदेश के डोडामाझी का रहने वाला था, दूसरा बदमाश लवलेश कोल ग्राम घाटाकोलन उत्तरप्रदेश का रहने वाला था। पिछले एक महीने में बबुली कोल गिरोह द्वारा उत्तर प्रदेश के कर्वी क्षेत्र से तथा धारकुंडी थाना क्षेत्र के हरसेड़ गांव से लोगों को पकड़ कर लाखों रुपए की वसूली की गई थी। गिरोह द्वारा निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को धमकी देकर रूपयों की उगाही करते थे तथा निर्माण कार्य में बाधा डालते थे।

बबुली गिरोह के द्वारा आस-पास के गांव में सभी औरतों एवं बच्चियों पर बुरी नजर रखी जाती थी, जिससे महिलाएं एवं बच्चियां अपने आपको काफी असुरक्षित महसूस कर रही थी तथा पलायन भी कर रही थी। डर के कारण कोई भी ग्रामीण जन रिपोर्ट करने सामने नहीं आते थे। गिरोह के द्वारा लगातार अबोध ग्रामीणों पर अत्याचार किए जा रहे थे जिसके डर से ग्रामीण पलायन कर रहे थे, तथा दूरस्थ जंगलों में रहने वाले ग्रामीण आदिवासी जनजाति अपने पट्टे की जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे थे।

बबुली कोल गिरोह द्वारा ग्रामीणों को पकड़कर उनके घर वालों द्वारा पैसे की मांग की जाती थी, जिससे पूरे क्षेत्र में आतंक का माहौल निर्मित हो चुका था तथा दोनों राज्यों की पुलिस की कई टीमें बहुत बबली कोल के खात्मे हेतु जंगल में उतरी हुई थी। मध्य प्रदेश पुलिस के सतना जिले के पुलिस टीम को यह कामयाबी हासिल हुई।

पुलिस महानिरीक्षक चंचल शेखर ने बताया, यह कार्रवाई चित्रकूट के तराई क्षेत्र में लगातार होती रहेगी। किसी भी डकैत गिरोह को पनपने नहीं दिया जाएगा तथा जान माल की सुरक्षा हेतु रीवा जोन की पुलिस संकल्पित है।

सीएम कमलनाथ ने पुलिस टीम की दी बधाई

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।