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गंगा के हाल को लेकर नीतीश कुमार का गडकरी और केंद्र पर वार

June 25th, 2018 13:43 IST

हाईलाइट

  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से लगाए गए आरोपों पर पलटवार दिया।
  • योजनाओं को लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर भी हमला बोला।
  • केंद्र की नमामि गंगे परियोजना को फेल बताया ।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से लगाए गए आरोपों पर करारा पलटवार दिया है। साथ ही कई योजनाओं को लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर भी हमला बोला। नीतीश कुमार ने केंद्र की नमामि गंगे परियोजना को फेल बताया है। उन्होंने कहा अब न तो गंगा की निर्मलता बची है और न ही अविरलता।

भारत जलवायु कॉन्क्लेव का उद्घाटन करने पहुंचे थे नीतीश  

दरअसल सीएम नीतीश कुमार रविवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में दो दिवसीय पूर्वी भारत जलवायु कॉन्क्लेव-2018 का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिहार में गंगा के हाल पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से कहा बिहार में गंगा की स्थिति के बारे में अपने कैबिनेट के सहयोगी नितिन गडकरी को जानकारी दीजिएगा। 

गडकरी की जलमार्ग परियोजना को बताया फ्लॉप 

इतना ही नहीं उन्होंने गडकरी की जलमार्ग परियोजना भी फ्लॉप करार दिया है। ऐसा माना जा रहा है नीतीश कुमार ने नितिन गडकरी के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें गडकरी ने कहा था कि, बिहार में 2 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं राज्य सरकार की लापरवाही से फंसी हुई हैं। 

'नमामि गंगे परियोजना' को लेकर किया वार

नीतीश कुमार ने 'नमामि गंगे परियोजना' को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, केंद्र सरकार गंगा को लेकर गलत आंकड़े दे रही है। गंगा की निर्मलता और अविरलता कुछ भी नहीं बची है। गंगा में 'काई' दिखने लगी है। कई जगहों पर गंगा जल, नाले के पानी जैसा हो गया है। बेगूसराय में गंगा का पानी काला हो गया है।

नीतीश ने कहा, केंद्र सरकार नेशनल का वॉटरवे-1 प्रोजेक्ट तब तक सफल नहीं होगा, जब तक गंगा में गाद की समस्या का निवारण नहीं होता है। नीतीश कुमार ने कहा, हाल ही में गंगा जलमार्ग पर बक्सर के पास अपस्ट्रीम में एक जहाज फंस गया था। उसे निकालने आने वाला टैगवेसल 10 किमी पहले ही फंस गया था। नीतीश ने गंगा में 'काई' को मुख्य समस्या बताया है। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।