दैनिक भास्कर हिंदी: ओडिशा कांग्रेस से वरिष्ठ नेताओं का इस्तीफा, चंद्रशेखर ज्वाइन कर सकते है BJD

March 31st, 2018

डिजिटल डेस्क, बेहरमपुर। ओडिशा में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी छोड़ने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर साहू, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव विक्रम कुमार पांडा और जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बी गंतायत शामिल हैं। इसके अलावा बेहरमपुर नगर निगम के पांच पार्षद भी इस्तीफा देने वालों की सूची में शामिल हैं। इस्तीफे के बाद चंद्रशेखकर की BJD ज्वाइन करने की अटकलें तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन को अपना इस्तीफा भेज दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्ष से कांग्रेस में कोई अनुशासन नहीं है। पार्टी हाईकमान भी राज्य में पार्टी संगठन में कोई सुधार के मूड में नहीं है। 2009 से पार्टी ने हमारा कोई इस्तेमाल नहीं किया और हमारी अनदेखी की है। इसलिए मैने पार्टी छोड़ने को निर्णय किया।’’ उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस से असंतुष्ट उनके साथ जुड़ेंगे जो धर्मनिरपेक्ष होगा और ओडिशा के हित में खड़ा होगा।’’ 

इस्तीफे की खबरों के बीच कयासों का दौर भी शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर साहू बीजू जनता दल में शामिल हो सकते हैं। साहू के साथ गंजम जिला कांग्रेस इकाई के 50 नेताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। फिलहाल ओडिशा में बीजू जनता दल के पास 147 सीटों में 118 सीटें हैं। वहीं कांग्रेस के पास महज 14 विधायक हैं। सत्ता से बाहर हुए कांग्रेस को करीब 18 साल हो चुके है। कांग्रेस ओडिशा में दोबारा अपनी जमीन तलाशने का काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का यूं पार्टी छोड़कर चले जाना किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

युवा चेहरों को सामने लाने की कवायद को जारी रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को ओडिशा का एआईसीसी प्रभारी बनाया है। बीके हरिप्रसाद के स्थान पर जितेन्द्र सिंह को प्रभारी बनाया गया है। संगठन को मजबूती प्रदान करने की चुनौती जितेंद्र के सामने है। ऐसे में ये देखना होगा कि वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने से मिले झटके से जितेन्द्र कैसे पार्टी को बाहर निकालते है।